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101 शिक्षक सम्मान समारोह में भारत स्काउट और गाइड सोनभद्र के चार रत्नों का हुआ अभिनंदन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाले रवि सिंह विशेष रूप से सम्मानित।

101 शिक्षक सम्मान समारोह में भारत स्काउट और गाइड सोनभद्र के चार रत्नों का हुआ अभिनंदन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाले रवि सिंह विशेष रूप से सम्मानित।

दुद्धी सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
जरहाँ स्थित श्री अजीरेश्वर धाम परमार्थ जन सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव एवं भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कुल 101 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के लिए अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक राजेन्द्र सिंह बघेल (अध्यक्ष एवं न्यासकर्ता श्री अजीरेश्वर धाम परमार्थ जन सेवा ट्रस्ट एवं मे0 बघेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि.) की पहल पर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मान सिंह गोड़ (ब्लॉक प्रमुख, म्योरपुर) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय यादव (पूर्व ब्लॉक प्रमुख, म्योरपुर) उपस्थित रहे।
🔹 भारत स्काउट और गाइड सोनभद्र के चार रत्न हुए सम्मानित
समारोह में शिक्षा जगत के साथ-साथ भारत स्काउट और गाइड उत्तर प्रदेश, जनपद सोनभद्र के चार उत्कृष्ट रत्नों को भी मंच से सम्मानित किया गया, जिनमें –
1. सत्य नारायण कन्नौजिया जिला स्काउट कमिश्नर सोनभद्र (राजकीय हाईस्कूल दिघुल-दुद्धी, लीडर ट्रेनर स्काउट )
2. दयाशंकर कुशवाहा (कम्पोजिट विद्यालय जोरुखाड़ मध्य दुद्धी, हिमालय उड बैज स्काउट)
3. शैलेन्द्र कुमार मिश्र (तहसील ट्रेनिंग काउंसलर, हिमालय उड बैज स्काउट)
4. रवि सिंह (एन.आई.एस. कोच)
विशेष रूप से रवि सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए ब्रांच मेडल जीतने के साथ-साथ लड़कियों और महिलाओं को आत्मरक्षा (Self Defense) का प्रशिक्षण देकर समाज को सशक्त बनाने में योगदान हेतु सम्मानित किया गया। उनके कार्य को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया गया।

🔹 समारोह का संचालन और संदेश

कार्यक्रम का सफल संचालन राम प्रकाश पाण्डेय और दीपक कुमार यादव ने संयुक्त रूप से किया। समारोह के अंत में सभी 101 शिक्षकों को सामूहिक रूप से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आयोजकों ने कहा –
“शिक्षक समाज की आत्मा और दर्पण हैं। उनका सम्मान करना, राष्ट्र निर्माण को मजबूत करना है। यह समारोह शिक्षकों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

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