A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरदेश

सहारनपुर में बड़ा भ्रष्टाचार कांड उजागर: PWD के जेई नीरज कुमार 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप!

लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर (JE) नीरज कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

WhatsApp Image 2025 10 15 at 7.49.24 AM

सहारनपुर में बड़ा भ्रष्टाचार कांड उजागर: PWD के जेई नीरज कुमार 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप!

सहारनपुर। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन विभाग की एक बड़ी और सटीक कार्रवाई ने सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर (JE) नीरज कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी जेई ठेकेदार से रुका हुआ भुगतान जारी करने के लिए रिश्वत मांग रहा था।

एंटी करप्शन टीम ने यह कार्रवाई सोमवार को की, जो करीब 15 दिन की गुप्त निगरानी और सटीक योजना का परिणाम बताई जा रही है। यह गिरफ्तारी सहारनपुर में लंबे समय बाद हुई उन कार्रवाइयों में से एक है, जिसने सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं।

💰 ठेकेदार से मांगी थी रिश्वत, शिकायत के बाद हुई रेकी

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित ठेकेदार धीर सिंह, जो PWD के अंतर्गत एक निर्माण कार्य से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया था कि जूनियर इंजीनियर नीरज कुमार ने उनका रुका हुआ भुगतान जारी करने के लिए उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
धीर सिंह ने पहले रिश्वत देने से मना किया, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी बात एंटी करप्शन विभाग को बताई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने ठेकेदार के साथ मिलकर एक ट्रैप प्लान तैयार किया।

पिछले दो हफ्तों से टीम ने नीरज कुमार की गतिविधियों पर निगरानी रखी और जैसे ही ठोस सबूत मिले, संपर्क के बहाने उसे देहरादून रोड स्थित PWD कार्यालय पर बुलाया गया।

🎯 एंटी करप्शन का जाल — जेई फंसा रंगे हाथ

सूत्रों के अनुसार, तय योजना के तहत ठेकेदार धीर सिंह सोमवार को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचे और नीरज कुमार को 50 हजार रुपये की नकद राशि दी। जैसे ही जेई ने रिश्वत की रकम जेब में रखी, मौके पर पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई इतनी त्वरित और पेशेवर ढंग से की गई कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों को भी कुछ समझ नहीं आया। आरोपी जेई को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

🚨 FIR दर्ज, रिश्वत की रकम जब्त

टीम ने मौके से पूरी रकम बरामद कर ली है और थाना सदर बाजार में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या नीरज कुमार के साथ अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी इस अवैध वसूली नेटवर्क में शामिल हैं।

📋 अधिकारी बोले — “भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति”

एंटी करप्शन विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई सरकार की “जीरो टॉलरेंस टू करप्शन” नीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “हम किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शेंगे नहीं, जो सरकारी प्रणाली में भ्रष्टाचार फैलाने की कोशिश करेगा। इस तरह की शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।”

वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में PWD, बिजली विभाग, नगर निगम और जल निगम जैसे संवेदनशील विभागों में भी ऐसी ही जांच और छापेमारी की संभावना है।

🗣️ स्थानीय जनता और ठेकेदारों की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद सहारनपुर के ठेकेदारों और आम नागरिकों में खुशी और राहत की लहर है। लोगों का कहना है कि वर्षों से विभागों में फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीं जब तक “लेन-देन” न हो जाए।
एक ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हम काम ईमानदारी से करते हैं, लेकिन पेमेंट के लिए जेई और बाबुओं की जेब भरनी पड़ती है। अगर ऐसी कार्रवाई नियमित हो, तो सिस्टम अपने आप सुधर जाएगा।”

स्थानीय व्यापारी संगठन और समाजसेवियों ने भी एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि “यह गिरफ्तारी बाकी भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए सबक साबित होगी।”

⚖️ भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए बढ़ी उम्मीदें

सहारनपुर जनपद में सरकारी ठेकों और निर्माण कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंची, लेकिन कार्रवाई न के बराबर हुई।
ऐसे में जेई नीरज कुमार की गिरफ्तारी ने न केवल जनता में भरोसा जगाया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि अब कोई भी भ्रष्ट अधिकारी कानून के शिकंजे से नहीं बच सकेगा।

📍 अंतिम निष्कर्ष — सख्त कार्रवाई की मांग

एंटी करप्शन टीम ने जेई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। विभाग ने उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
वहीं, नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आरोपी की संपत्ति, बैंक खाते और पुराने ठेकों की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी रकम रिश्वतखोरी के ज़रिए अर्जित की गई।


📢 यह कार्रवाई न सिर्फ एक अधिकारी की गिरफ्तारी भर है, बल्कि यह सहारनपुर की प्रशासनिक प्रणाली के भीतर फैले भ्रष्टाचार पर चेतावनी की घंटी है।
लोगों को उम्मीद है कि अब ऐसे अधिकारी जो जनता की मेहनत की कमाई से अपनी जेबें भरते हैं, उन पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।


🖋️ रिपोर्ट — एलिक सिंह
ब्यूरो चीफ — दैनिक आशंका बुलेटिन / संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📞 संपर्क: 8217554083

Back to top button
error: Content is protected !!