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सहारनपुर: मिशन शक्ति 5.0 की नई सफलता — केंद्र प्रभारी मोनिका यादव की पहल से पति-पत्नी के विवाद का समाधान, परिवार हुआ खुशहाल और तनाव मुक्त

केंद्र प्रभारी महिला उपनिरीक्षक मोनिका यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया।

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सहारनपुर: मिशन शक्ति 5.0 की नई सफलता — केंद्र प्रभारी मोनिका यादव की पहल से पति-पत्नी के विवाद का समाधान, परिवार हुआ खुशहाल और तनाव मुक्त

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ फेज 5.0 ने एक बार फिर अपने उद्देश्यों को सार्थक साबित किया। यह पहल न केवल महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में सफल रही है, बल्कि पारिवारिक विवादों को शांति और समझ के माध्यम से सुलझाने का एक प्रभावी मॉडल भी प्रस्तुत कर रही है।

सहारनपुर के मिशन शक्ति केंद्र में सोमवार को एक ऐसे मामले का समाधान किया गया, जो समाज में बढ़ते घरेलू तनाव और पारिवारिक विवादों का गंभीर उदाहरण था। एक पति-पत्नी अपने घरेलू मतभेदों को लेकर केंद्र पहुंचे, जिसके चलते उनके संबंधों में गंभीर तनाव उत्पन्न हो गया था। बताया गया कि कुछ समय से चल रहे यह विवाद केवल आपसी असहमति तक सीमित नहीं थे, बल्कि बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों पर भी गहरा असर डाल रहे थे।

केंद्र प्रभारी महिला उपनिरीक्षक मोनिका यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने सबसे पहले दोनों पक्षों से अलग-अलग बैठकें कीं और उनके विचार, भावनाएं तथा चिंताओं को विस्तार से सुना। इसके बाद उन्होंने दोनों पक्षों को एक साथ बिठाकर विस्तृत संवाद और परामर्श किया। मोनिका यादव ने परिवारिक मूल्यों, आपसी समझ, बच्चों के भविष्य और समाजिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए पति-पत्नी को संवेदनशील बनाया।

काउंसलिंग की प्रक्रिया में मोनिका यादव ने न केवल विवाद के कारणों को समझने का प्रयास किया, बल्कि दोनों पक्षों को यह भी बताया कि अपसी संवाद और समझ से समस्याओं का समाधान संभव है, जबकि अनबन और तर्क-वितर्क केवल तनाव और दूरी को बढ़ाते हैं। उन्होंने पति-पत्नी को उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक दायित्वों की याद दिलाई और यह समझाया कि किसी भी परिवार के लिए आपसी समझ, सहयोग और सहिष्णुता कितनी महत्वपूर्ण होती है।

लगभग तीन घंटे चली इस गहन काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने अपने मतभेद भुलाकर खुशी-खुशी एक-दूसरे के साथ जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया। मोनिका यादव ने कहा,

“हमारा उद्देश्य केवल महिलाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवारों को टूटने से बचाना भी है। आज यह देखकर अत्यंत संतोष हुआ कि सही मार्गदर्शन और परामर्श से एक परिवार बिखरने से बच गया। यह मिशन शक्ति फेज 5.0 की सफलता का स्पष्ट उदाहरण है।”

मिशन शक्ति केंद्र में यह पहल न केवल विवाद को सुलझाने में सफल रही, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक सुधार और जागरूकता के लिए एक प्रेरक उदाहरण भी बन गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के केंद्र परिवारों के लिए एक भरोसेमंद मंच साबित हो रहे हैं, जहां लोग बिना भय और संकोच के अपने विवाद और समस्याओं को साझा कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मिशन शक्ति केंद्रों की यह भूमिका केवल प्रशासनिक सहायता तक सीमित नहीं है। ये केंद्र सामाजिक सुधार, बच्चों के भविष्य की सुरक्षा और पारिवारिक संरचना के मजबूती में भी योगदान कर रहे हैं। मोनिका यादव जैसे केंद्र प्रभारी अधिकारी इस प्रक्रिया में मार्गदर्शक, समन्वयक और न्यायसंगत सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं।

मिशन शक्ति केंद्र में काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों ने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। पति ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी की भावनाओं को ठीक से समझ नहीं पा रहे थे और कुछ मामूली बातों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया। वहीं पत्नी ने भी अपने गुस्से और असमंजस को व्यक्त किया। मोनिका यादव ने इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें सकारात्मक सोच और सहानुभूति के महत्व को समझाया।

इस दौरान बच्चों के हितों को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया। मोनिका यादव ने कहा कि किसी भी विवाद में सबसे अधिक प्रभावित बच्चे होते हैं। उनके मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए जरूरी है कि माता-पिता के बीच सामंजस्य और सहयोग बना रहे। इस संदेश को दोनों पक्षों ने गंभीरता से लिया और अपने व्यवहार में बदलाव करने का संकल्प लिया।

स्थानीय नागरिकों और केंद्र के कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि मिशन शक्ति केंद्र केवल विवाद निपटाने का साधन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और पारिवारिक स्थिरता लाने वाला मंच बन गया है। लोगों ने कहा कि यदि हर परिवार इस प्रकार के मार्गदर्शन और समझ के माध्यम से अपने मतभेदों को सुलझाए, तो समाज में घरेलू तनाव और घरेलू हिंसा के मामले काफी हद तक कम हो सकते हैं।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति फेज 5.0 केवल महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है। इसका दायरा व्यापक है और यह समाज के कमजोर वर्ग, बच्चों और परिवारों की सुरक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

मोनिका यादव ने बताया कि केंद्र में आने वाले सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। प्रत्येक मामले को पारिवारिक, सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से देखा जाता है। उनका मानना है कि संवाद, समझ और सही परामर्श से किसी भी विवाद को शांति और सौहार्द के साथ सुलझाया जा सकता है।

इस पूरी घटना ने मिशन शक्ति केंद्र की सफलता को उजागर किया है। यह पहल समाज में यह संदेश देती है कि समझाइश, मार्गदर्शन और महिला सशक्तिकरण के प्रयास परिवारों को मजबूत बनाने में सक्षम हैं। केंद्र के प्रयासों से परिवारिक तनाव कम हुआ और समाज में एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित हुआ।

सहारनपुर में मिशन शक्ति फेज 5.0 की यह सफलता न केवल अन्य जिलों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह स्पष्ट करती है कि सरकारी पहल और सही प्रशासनिक नेतृत्व समाज में बदलाव और सुधार ला सकते हैं।


🖋️ रिपोर्ट — एलिक सिंह
ब्यूरो चीफ — दैनिक आशंका बुलेटिन / संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📞 संपर्क: 8217554083

 

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