
कोरिया, छत्तीसगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत मिशन’ योजना को कोरिया जिले का सोनहत ग्राम पंचायत कथित तौर पर ठेंगा दिखा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) है, लेकिन सोनहत में इसकी स्थिति संतोषजनक नहीं है।
*पंचायत की कृपा कुछ विशेष चुनिंदा जगहों पर ही बरस रही*
* ग्राम पंचायत के द्वारा नाली सफाई एवं ढक्कन के नाम पर 15वें वित्त मद से लाखों आहरण कर कुछ विशेष जगहों पर ही नाली की सफाई गई एवं ढक्कन लगाए गए जबकि सोनहत के गांव गली की कई नालियां जाम पड़ी हैं उनकी सफाई आजतक नहीं हो रही है।
15वें वित्त की राशि स्वच्छता और पेयजल के लिए है आरक्षित
* 15वें वित्त की 60% ग्रांड टाइड की राशि को स्वच्छता और पेयजल के लिए खर्च करना है । लेकिन पूरे तहसील मुख्यालय में एक भी सार्वजनिक डस्टबिन नहीं है उक्त 15 वें वित्त की राशि से निर्माण कार्य कराया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजार, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास भी गंदगी का आलम है। कूड़ेदानों की कमी या उनके सही उपयोग के अभाव में लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं।
📣 स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण सोनहत में स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। वे लगातार सफाई और बेहतर कचरा प्रबंधन की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्वच्छ भारत मिशन के लिए आवंटित फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
🔎 प्रशासन से जांच की मांग
इस गंभीर मामले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष सोनहत संजय प्रताप सिंह ने जिला प्रशासन से सोनहत ग्राम पंचायत में स्वच्छता कार्यों की तत्काल जांच करने और आवश्यक सुधार करने की मांग की है, ताकि प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण योजना का मखौल उड़ना बंद हो सके।







