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सहारा इंडिया पर ईडी का सबसे बड़ा एक्शन: 16 शहरों में 1538 करोड़ की संपत्ति जब्त, निदेशकों की बेनामी जमीनों पर भी शिकंजा

यूपी: सहारा समूह के निदेशकों की संपत्तियां तलाशेगा ईडी, कई अधिकारियों के पास मिली आय से अधिक की संपत्ति

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
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नई दिल्लीl देशभर में करोड़ों निवेशकों की जमा पूंजी पर खड़ी सहारा इंडिया परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सहारा समूह के पूर्व उप निदेशक ओ.पी. श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई की रफ्तार और तेज कर दी है। एजेंसी अब सहारा की विभिन्न कंपनियों के एक दर्जन से अधिक पूर्व और वर्तमान निदेशकों की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा खंगाल रही है। आरोप है कि इन कंपनियों ने पोंजी स्कीम के जरिए लोगों से हजारों करोड़ रुपये की रकम जुटाई और बाद में इन पैसों का दुरुपयोग किया गया।
सहारा इंडिया

16 शहरों में 1538 करोड़ की संपत्ति जब्त

ईडी ने इसी साल अप्रैल में पहले चरण की कार्रवाई करते हुए देश के 16 शहरों में स्थित कुल 1073 एकड़ भूमि पर कब्जा कर लिया था, जिसकी कीमत 1538 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस कार्रवाई में लखनऊ, मुरादाबाद और ललितपुर की जमीनें भी शामिल थीं।
लखनऊ में ईडी ने—

घैला तहसील के अलू नगर डिगुरिया

बक्शी का तालाब तहसील के नरहरपुर गांव

में खरीदी गई 107 एकड़ भूमि जब्त की। जांच के दौरान एजेंसी को इन जमीनों पर बिना अनुमति निर्माण कार्यों की जानकारी भी मिली, जिसके बाद संबंधित उप निबंधक कार्यालयों को इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए पत्र जारी करने की तैयारी है।

इन कंपनियों पर ईडी की पैनी नजर

जांच के दायरे में सहारा समूह की कई प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, जिन पर पोंजी स्कीम चलाकर निवेशकों से रकम जमा करने का आरोप है—

सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

सहारयन मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी

स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी

सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड

सहारा इंडिया रियल एस्टेट कारपोरेशन लिमिटेड

सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन

और अन्य एक दर्जन से अधिक कंपनियां

इन कंपनियों में निदेशकों को बार-बार बदला गया, जिससे लेन-देन को ट्रैक करना मुश्किल होता रहा।

बेनामी संपत्तियों का बड़ा खुलासा

ईडी की ताजा जांच में सामने आया है कि—

कंपनियों में निवेशकों द्वारा जमा की गई भारी-भरकम रकम को दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया।

इसके बाद कई निदेशकों ने अपने नाम या अन्य लोगों के नाम पर बेनामी संपत्तियां खरीदीं।

अब ईडी इन संपत्तियों की पहचान कर बेनामी संपत्ति निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई करने जा रही है। एजेंसी का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों और दर्जनों फर्जी लेन-देन से होकर गुजरा है।

जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की कोलकाता इन्वेस्टिगेशन विंग सहारा समूह से जुड़ी कंपनियों के सभी संबंधित निदेशकों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। आरोप साबित होने पर इन सभी की संपत्तियां सीज की जा सकती हैं और आगे की फौजदारी कार्रवाई भी तय है।

निदेशकों की गिरफ्तारी की भी संभावना

ईडी सूत्रों ने बताया कि जांच में सम्मिलित 12 से अधिक पूर्व एवं वर्तमान निदेशकों की संदिग्ध संपत्तियों, बैंक खातों और लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
यदि सबूत मजबूत पाए गए, तो इनके खिलाफ—

गिरफ्तारी,

संपत्तियों की कुर्की,

चार्जशीट दायर करने

की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकती है।

लाखों निवेशकों को मिली राहत की उम्मीद

सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ में निवेश करने वाले लाखों निवेशक वर्षों से अपनी रकम वापस पाने के लिए भटक रहे हैं। ईडी की इस सख्ती से उन लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि उनकी मेहनत की कमाई की वापसी की दिशा में अब प्रक्रिया तेज हो सकती है।

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Jitendra Maurya

Vande Bharat Live TV News District Head Ghazipur Uttar Pradesh India
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