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उदयपुर ब्यूरो चीफ/लिम्बाराम उटेर#

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कोटड़ा में शिक्षा के स्तर को सुधारने और विद्यार्थियों की राह आसान करने के लिए कोटड़ा आदिवासी संस्थान एवं Boond Solar द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। इस संयुक्त पहल के तहत क्षेत्र के 6 राजकीय विद्यालयों के 300 जरूरतमंद विद्यार्थियों को सोलर लैंप वितरित किए गए, ताकि बिजली की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा न बन सके।
शिक्षा और तकनीक का संगम
कोटड़ा के दूर-दराज के गांवों में बिजली की अनियमितता एक बड़ी चुनौती रही है। विशेषकर परीक्षाओं के समय रात में पढ़ाई करने के लिए बच्चों को काफी संघर्ष करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए दोनों संस्थानों ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) के माध्यम से बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया।
इन 6 विद्यालयों में आयोजित हुए कार्यक्रम
संस्थान की टीमों ने अलग-अलग गांवों का दौरा कर सीधे छात्रों से संवाद किया और निम्नलिखित विद्यालयों में लैंप वितरण किया:
जुड़ा क्षेत्र: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (जूनापादर) एवं राजकीय उच्च विद्यालय (भीयाटा)।
कोटड़ा ब्लॉक: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (निचली सुबरी) एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (वागावत)।
मामेर क्षेत्र: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (बेड़ाधर) एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (झेर)।
संस्थान के पदाधिकारियों का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के सचिव बाबूलाल गमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य केवल संसाधन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे की शिक्षा न छूटे।” वहीं चंदुराम गरासिया ने सोलर लैंप के सही रखरखाव और पर्यावरण संरक्षण में इसके महत्व के बारे में जानकारी दी।
खुशी से खिले बच्चों के चेहरे
सोलर लैंप पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने संस्थानों के इस नेक कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी आएगी।
इस वितरण अभियान के दौरान boond engineering and development Pvt. Ltd. Delhi से पीएस गौतम, मनोहर सिंह कि विद्यालय के प्रधानाचार्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक उपस्थित रहे।






