

गिरौदपुरी | 14 जून 2026:
कहते हैं जब ठान लो, तो बदलाव तय है! कुछ ऐसा ही नजारा आज शाम ग्राम दर्रा में देखने को मिला, जहां पुलिस की खाकी और महिला कमाण्डो की ‘लाठी’ (इच्छाशक्ति) ने मिलकर नशे के सौदागरों और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक जोरदार शंखनाद कर दिया।
पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी.शर्मा के दिशा-निर्देशन और चौकी प्रभारी गिरौदपुरी के कुशल मार्गदर्शन में आज एक ऐसी ‘नशामुक्ति रैली’ निकाली गई, जिसने पूरे गांव का माहौल ही बदल दिया।
’नशा भगाओ, जीवन बचाओ’ के गगनभेदी नारे
शाम ढलते ही जब पुलिस बल के जवान और गांव की जांबाज महिला कमाण्डो एक साथ सड़कों पर उतरे, तो नजारा देखने लायक था। “नशा भगाओ, जीवन बचाओ” के नारों से गांव की गलियां गूंज उठीं। ऐसा लग रहा था मानो पूरा गांव एक सुर में कह रहा हो—अब और नहीं!
इस अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर थी ‘महिला सशक्तिकरण’। घूंघट और चूल्हे-चौके से बाहर निकलकर जब महिला कमाण्डो ने इस सामाजिक क्रांति की कमान संभाली, तो देखने वाले बस देखते रह गए। महिलाओं की इस एकजुटता और तेवर ने यह साफ कर दिया कि अब वे अपने घरों को नशे की आग में जलने नहीं देंगी।
खाकी की अनूठी ‘पाठशाला’
रैली के समापन पर गिरौदपुरी पुलिस स्टाफ ने ग्रामीणों और युवाओं के लिए एक बेहद संवेदनशील और प्रभावी ‘टॉक शो’ (संवाद) का आयोजन किया। पुलिस अधिकारियों ने सीधे दिल से बात करते हुए समझाया:
”नशा सिर्फ सेहत ही खराब नहीं करता, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है। हर बड़े अपराध के पीछे कहीं न कहीं नशे का ही हाथ होता है।”
वहां मौजूद युवाओं और ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस बात को गहराई से समझा और जीवन में कभी नशा न करने तथा दूसरों को भी इसके जाल से बचाने का संकल्प लिया।
जनता और पुलिस का ‘सुपरहिट’ तालमेल
ग्राम दर्रा में पुलिस और जनता के बीच का यह बढ़ता तालमेल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पहल की खुले दिल से तारीफ की है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस और पब्लिक ऐसे कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी, तो अपराधियों और नशेड़ियों के हौसले पस्त होना लाजिमी है।
इस पूरे धमाकेदार और प्रेरणादायक आयोजन में पुलिस चौकी गिरौदपुरी का जांबाज स्टाफ और ग्राम दर्रा की जांबाज महिला कमाण्डो टीम पूरी मुस्तैदी के साथ डटी रही।









