
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ :
पुणे के मांजरी में पिछले 17 दिनों से चल रहा आदिवासी छात्रों का अनशन भले ही स्थगित कर दिया गया हो, लेकिन नागपुर और नासिक में छात्रों का आंदोलन अब भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें नहीं मानी हैं, इसलिए वे अपने आंदोलन पर अडिग हैं।
प्रतिनिधियों के लौटने के बाद होगा फैसला
नागपुर के आदिवासी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि मुंबई में सरकार से बातचीत के लिए गए उनके प्रतिनिधि जब वापस लौटेंगे, तब सभी छात्रों के साथ चर्चा करने के बाद ही आंदोलन वापस लेने पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कल तक जारी रहेगा आंदोलन:
फिलहाल नागपुर के छात्र कम से कम कल तक आंदोलन पर डटे रहेंगे। कल सुबह प्रतिनिधियों के वापस आने के बाद धरने पर बैठे सभी छात्रों के साथ उनकी बैठक होगी, जिसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
नागपुर : पुणे के छात्रों पर नाराजगी
नागपुर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मीडिया को बताया कि आज जिन छात्रों ने आदिवासी विकास मंत्री से चर्चा की, उन्होंने आश्रम शालाओं का मुद्दा प्रमुखता से नहीं उठाया। खासकर जपतलाई आश्रम शाला में सांप काटने से जान गंवाने वाली तीन लड़कियों के परिवारों को मदद दिलाने के मुद्दे को पूरी ताकत से नहीं रखा गया।
नासिक: मांगों को लेकर छात्र अडिग
भले ही सरकार आंदोलन का समाधान निकालने का दावा कर रही हो, लेकिन नासिक के छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की हैं।
सेंटर किचन योजना: ‘सेंटर किचन योजना’ को बंद करने की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।
न्याय की मांग: गढ़चिरौली आश्रम शाला में जान गंवाने वाले छात्रों को अभी तक न्याय न मिलने से छात्रों में रोष है। इन प्रमुख मांगों को लेकर नासिक के छात्र अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
पुणे का अनशन 17 दिन बाद स्थगित
इस बीच, पुणे के मांजरी में चल रहा अनशन 17 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद स्थगित कर दिया गया है।
आज दोपहर मुख्यमंत्री के साथ आदिवासी छात्रों की बैठक हुई, जिसमें सरकार ने उनकी मांगें मान लेने का दावा किया।
इसके बाद, आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने मांजरी जाकर छात्रों से अनशन खत्म करने की अपील की, जिसके बाद पुणे के छात्रों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।




