कुचामन सिटी:-संग्रहण योजना के मण्डल निर्णय तक अस्थायी तौर पर निलम्बित करने की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेसी पार्षदों के साथ सभापति व उपसभापति ने आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।सभापति आसिफ खान ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशों के हवाले से शहर में वर्तमान में सफाई कर्मियों के साथ-साथ सफाई कार्य ठेके पर भी दिया हुआ है।जिसका सालाना खर्च साढे तीन करोड़ रुपए है। इसके बावजूद अब घर-घर कचरा संग्रहण योजना के संचालन का 7 करोड़ रूपये का एक और सफाई ठेका किसी फर्म को दिया गया है।इससे शहरवासियों पर एक नया टैक्स लागू हो जाएगा और गरीब जनता को इससे आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।शहर का प्रत्येक नागरिक गृह कर सहित कोई ना कोई टैक्स जमा करवाता है।अब घर-घर कचरा संग्रहण योजना में
कस्बे के प्रत्येक अमीर-गरीब के मकानों, हॉस्टल,हर प्रकार की दुकानों, क्लिनिकों,अस्पतालों,कॉम्प्लेक्सो,कोचिगों,डिफेंसों, विवाह स्थल,स्कूल,कॉलेज,हाथ ठेलों पर ठेकेदार अपनी रेटों पर सफाई सुविधा शुल्क वसूल करेगा। इससे आम आदमी की जेब काटने की तैयारी की जा रही है। इस ठेके का कार्यादेश भी जारी किया जा चुका है।अब 1 अगस्त से संबंधित फर्म घर-घर कचरा संग्रहण के नाम शुल्क लेना शुरु कर देगी। कांग्रेस के सभी पार्षदों व उपसभापति की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है।उपसभापति ने कहा निलंबित हो ठेका उपसभापति हेमराज चावला ने बताया कि घर घर सफाई योजना के ठेके को निलंबित करना चाहिए और आगामी बोर्ड बैठक में सदन की चर्चा के बाद ही इसे लागू करने या रद्द करने का प्रस्ताव लेना चाहिए। जिससे कि आम जन के हित में निर्णय लिया जा सके।यदि परिषद की ओर से मनमाने तरीके से ठेके का कार्य शुरु करवाया गया तो आगामी दिनों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।तीन वर्ष के लिए जारी किया गया है ठेका निकाय में एक वर्ष के लिये ही टेण्डर किए जाते हैं।लेकिन घर-घर कचरा संग्रहण योजना का ठेका तीन वर्ष का देना संदेह पैदा करने वाला है तथा ठेकेदार को तीन वर्ष तक मनमाना कार्य करने व अपनी रेट पर सुविधा शुल्क टैक्स के रूप में वसूलने अथवा तीन वर्ष के लिये आमजन की जेब काटने का ठेका दिया जा रहा है.जो गलत है।यह योजना प्रदेश के 257 शहरी निकायों में 7.8 में ही संचालित है।