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गोल्डन सिटी हॉस्पिटल में मात्र 700 ग्राम के शिशु को मिला जीवन

गोल्डन सिटी हॉस्पिटल में मात्र 700 ग्राम के शिशु को मिला जीवन

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संवाददाता कोजराज परिहार जैसलमेर

 

गोल्डन सिटी हॉस्पिटल जैसलमेर के शिशु रोग विशेषज्ञ एवं डायरेक्टर डॉ दीपक वैष्णव ने बताया कि मोहनगढ गांव की एक महिला का मात्र छह माह की गर्भावस्था में ही शिशु का जन्म हो गया l जन्म के समय शिशु का वजन मात्र 700 ग्राम था l महिला के इससे पहले भी नौ शिशु अन्य अस्पतालों में समय पूर्व जन्म लेने के कारण जिवित नहीं रह सके थे l

इस बार भी जब महिला को समय से पूर्व ही प्रसव पीड़ा होने लगी, तो परिजनों ने गोल्डन सिटी हॉस्पिटल में प्रसव कराने का निर्णय लिया l

गोल्डन सिटी हॉस्पिटल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघा वैष्णव ने महिला का सुरक्षित प्रसव कराया l शिशु को जन्म के समय वजन कम होने के साथ साथ साँस लेने में भी दिक्कत थी l ऐसे में शिशु को तुरंत वेंटिलेटर पर लिया गया l दो दिन बाद साँस में दिक्कत कुछ कम होने पर बच्चे को cpap मशीन से साँस दी गई l लेकिन समय से पूर्व जन्म के कारण कुछ ही दिन बाद बच्चे को बार बार साँस रोक लेने की बीमारी के चलते उसे फिर से वेन्टीलेटर मशीन पर लेना पड़ा तथा कुछ दिन वेंटिलेटर पर ही रखना पड़ा l बच्चे को पीलिया भी हो गया था, जिसका फोटोथेरेपी द्वारा समुचित उपचार किया गया l शिशु में दुध पीने की क्षमता ना होने के कारण उसे मुँह में नली के द्वारा दूध पिलाया गया l

चिकित्सक एवं नर्सिंग कर्मियों की मेहनत, लगातार मॉनिटरिंग, आवश्यक चिकित्सकीय उपचार तथा चिकित्सालय में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों के चलते धीरे-धीरे शिशु के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा तथा वजन भी बढ़ने लगा l

इस प्रकार ढाई महीने गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती रखने के पश्चात्त शिशु के स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए अब शिशु को अस्पताल से छुट्टी दे गयी हैl

अपने शिशु को सुरक्षित एवं स्वस्थ पाकर प्रसन्न परिजनों ने बताया कि उन्होंने सुना था कि जैसलमेर में ही गोल्डन सिटी हॉस्पिटल में समय पूर्व जन्म लेने वाले शिशुओ का अच्छा इलाज होता है l हम इसी उम्मीद के साथ इस हॉस्पिटल आए थे और आज हम अपने शिशु को स्वस्थ एवं सुरक्षित देख कर बहुत खुश है l

परिजनों ने गोल्डन सिटी हॉस्पिटल के डॉ दीपक वैष्णव, डॉ मेघा वैष्णव एवं समस्त नर्सिंग स्टाफ को धन्यवाद दिया l

डॉ दीपक ने बताया के शिशु के परिजन बहुत निर्धन थे, तथा इलाज में लगने वाला खर्च वहन करने में सक्षम नहीं थे, इसलिए इलाज के खर्च में चिकित्सालय प्रशासन द्वारा आर्थिक सहयोग दिया गया तथा चिकित्सालय के नर्सिंग कर्मी श्याम वैष्णव ने भी शहर के भामाशाहों से सम्पर्क कर परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई l जिसके लिए परिवार जनों ने कृतज्ञता व्यक्त की l

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