
बस्ती स्टेशन पर नाकाम ‘नशा तस्करी’: बिहार ले जाई जा रही 47 लीटर शराब बरामद, 2 गिरफ्तार
तस्करों का 'फैशन' और 'नशा' दोनों फेल: लेडीज सूट के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे शराब, हुए गिरफ्तार बिहार खपाने का सपना टूटा: बस्ती स्टेशन पर पकड़ा गया शराब का 'अवैध ओवरलोड'
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती स्टेशन पर तस्करी का पर्दाफाश: ‘ऑपरेशन सतर्क’ ने पकड़ी शराब की खेप, बिहार खपाने की तैयारी में थे तस्कर
- लेडीज सूट की आड़ में ‘शराब का खेल’: बिहार खपाने की तैयारी में पकड़े गए दो तस्कर
- ऑपरेशन ‘सतर्क’: आरपीएफ की पैनी नजर से नहीं बच पाए तस्कर, 34 हजार की शराब के साथ धरे गए
- बस्ती बना तस्करों का ‘ट्रांजिट हब’: बरौनी ले जाई जा रही शराब की खेप जीआरपी-आरपीएफ ने पकड़ी
- शराबबंदी का फायदा उठाने की कोशिश नाकाम: बस्ती में 264 टाट्रा पैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
बस्ती: रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत की गई इस छापेमारी में बिहार तस्करी के लिए ले जाई जा रही 47.52 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। शराब को पकड़े जाने से बचने के लिए शातिराना तरीके से लेडीज सूट के नीचे छिपाकर रखा गया था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर से तस्कर बच नहीं सके।
क्या था मामला?
रविवार सुबह करीब 5:35 बजे आरपीएफ पोस्ट बस्ती के प्रभारी निरीक्षक राशिद बैग मिर्जा के नेतृत्व में टीम प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर संदिग्धों की तलाश कर रही थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर टीम ने पश्चिमी छोर से दो व्यक्तियों को दबोच लिया। जब उनके सामान की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए।
आरोपियों ने गुलाबी पॉलिथीन और गत्तों में ‘ऑफिसर्स च्वाइस’ व्हिस्की के 264 टाट्रा पैक छिपा रखे थे। तस्करी को पुख्ता अंजाम देने के लिए गत्तों के ऊपर नए लेडीज सूट रखे गए थे, ताकि किसी को शक न हो।
बिहार का ‘नशा बाजार’ और तस्करों की जुगत
पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शिवदास और राजू (दोनों निवासी थाना सोनहा, बस्ती) इस शराब को ट्रेन के जरिए बरौनी ले जाने की फिराक में थे। बिहार में पूर्ण शराबबंदी का फायदा उठाकर तस्कर इसे वहां ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे। जब्त की गई शराब की कीमत बाजार में लगभग 34,320 रुपये आंकी गई है।
सुरक्षा पर सवाल, तस्कर बेहाल
यह घटना दर्शाती है कि बस्ती जैसे छोटे स्टेशनों का उपयोग अब ‘ट्रांजिट पॉइंट’ के रूप में किया जा रहा है। बार-बार की गिरफ्तारियों के बावजूद तस्करों का हौसला कम नहीं हो रहा है, जो सुरक्षा तंत्र के लिए एक चुनौती है। आरपीएफ ने पकड़ी गई खेप और दोनों आरोपियों को जीआरपी के हवाले कर दिया है, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की टीम में ये रहे शामिल:
इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक कमलेश कुमार यादव, सहायक उपनिरीक्षक गुलाम वारिस सिद्दीकी, हेड कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार सिंह और जीआरपी के कांस्टेबल कृष्णानंद सिंह ने अहम भूमिका निभाई।
इस घटना पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग और सख्त होनी चाहिए ताकि ऐसे तस्करों पर पूरी तरह लगाम लग सके?



















