
भाजपा कार्यक्रम में अव्यवस्था का ‘मंच’: राजकिशोर सिंह को नहीं मिली कुर्सी, सूची में ‘गड़बड़झाले’ से मचा हड़कंप
बस्ती: भाजपा के कार्यक्रम में सूचियों का खेल, राजकिशोर सिंह का अपमान और संगठन में गुटबाजी की चर्चा प्रशासनिक हस्तक्षेप और विवादों के बीच भाजपा का कार्यक्रम: गलत सूचियों ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें
भाजपा कार्यक्रम में सूचियों का ‘गड़बड़झाला’: राजकिशोर सिंह को मंच पर कुर्सी न मिलना बना चर्चा का विषय
- क्या बिना तैयारी के बनी थी भाजपा कार्यक्रम की सूची? सरकारी शिक्षक का नाम शामिल होने पर उठे सवाल
- संगठन में तालमेल का अभाव: सूची विवाद के चलते नाराज नेताओं ने बनाई दूरी
बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बस्ती आगमन के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा की आंतरिक अव्यवस्था और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। इस घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा हर्रैया विधानसभा सीट से भाजपा के प्रबल दावेदार माने जा रहे राजकिशोर सिंह की हो रही है, जिन्हें मुख्यमंत्री के मंच पर बैठने के लिए जगह तक नहीं मिली।
मंच पर कुर्सी का अपमान
कभी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यक्रम में मंच पर मुख्यमंत्री के बगल में बैठने वाले राजकिशोर सिंह को इस बार मंच पर कुर्सी न मिलना पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अपमान का विषय बना हुआ है। समर्थकों का मानना है कि एक सक्रिय नेता के साथ ऐसा व्यवहार पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
सूचियों में ‘गलतियों की भरमार’ और प्रशासनिक हस्तक्षेप
कार्यक्रम के दौरान मंच, स्वागत और प्रस्थान के लिए जिला अध्यक्ष द्वारा जो सूची जारी की गई, उसमें भारी त्रुटियां पाई गईं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रशासन को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा और नौबत कार्यक्रम के बहिष्कार (बायकाट) तक पहुँच गई। लेख के अनुसार, सूची में निम्नलिखित खामियां प्रमुख थीं:
- विवादास्पद नाम: सूची में एक ऐसे सरकारी शिक्षक, गिरजेश बहादुर सिंह को शामिल किया गया, जो वर्तमान में बीआरसी पर संबद्ध हैं। उन पर ग्रामीणों द्वारा फर्जी प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी पाने के गंभीर आरोप हैं, जिनकी जांच चल रही है।
- पदनामों में अस्पष्टता: सूची बनाने वालों ने ‘पूर्व’ और ‘निवर्तमान’ पदों के बीच के अंतर को नजरअंदाज किया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
- तार्किक त्रुटियां: एक ही नगर पंचायत के लिए दो अध्यक्षों के नाम सूची में दर्ज कर दिए गए, जो प्रशासनिक रूप से संभव नहीं है।
गुटबाजी और समन्वय का अभाव
कार्यक्रम के प्रबंधन में तालमेल की भारी कमी दिखी। जिला अध्यक्ष और विधायक अजय सिंह द्वारा अलग-अलग सूचियां तैयार करने से टकराव की स्थिति बन गई।
- विधायक अजय सिंह और जिला अध्यक्ष की सूचियों के बीच टकराव के कारण विवाद बढ़ गया।
- भाजपा नेता अनिल सिंह को स्वागत करने से रोके जाने के बाद, वे नाराज होकर कार्यक्रम से ही चले गए।
- इससे पूर्व भी महेश शुक्ल और राजेंद्रनाथ तिवारी को सूची में नाम होने के बावजूद मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया गया था, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।
संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या सूचियां बिना किसी तैयारी (होमवर्क) के तैयार की गई थीं? जानकारों का कहना है कि जब संगठन में समन्वय नहीं होता, तो ऐसी अव्यवस्था पैदा होना स्वाभाविक है, जिससे अंततः पार्टी की छवि प्रभावित होती है। कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि जब सम्मान देने की बात आती है, तो जिन्हें पार्टी ‘तुल्य’ मानती है, उन्हें ही मंच से दूर रखना संगठन की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।















