महाराजगंज 25 नवंबर। सदर विधान सभा क्षेत्र के परसा राजा और बरवा राजा के बीच नहर पर टूटे पुल के शिलान्यास कार्यक्रम में सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि जनपद में विकास की धारा अब गति पकड़ चुकी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद से जिले में कुल 56 पुल स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 28 पुल अकेले सदर विधानसभा क्षेत्र को मिले हैं। विधायक ने इसे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। शिलान्यास कार्यक्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, गंडक संगठन सिंचाई खंड प्रथम द्वारा प्रस्तावित कटहरा रजवाहा प्रणाली के अंतर्गत 10 क्षतिग्रस्त पुल, पुलियों एवं कुलाबों के पुनर्निर्माण कार्य की भी औपचारिक शुरुआत की गई। साथ ही कटहरा रजवाहा के किमी 1.600 से 3.365, किमी 3.400 से 6.210, किमी 7.100 से 10.450 तथा किमी 10.665 से 11.200 तक नहर की बाई पटरी पर खड़ंजा निर्माण कार्य भी इसी परियोजना में शामिल है। इन सभी कार्यों का शुभारंभ विधायक जय मंगल कन्नौजिया और जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने विधिवत पूजन-अर्चन तथा नारियल फोड़कर किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि पूर्व की सरकारों में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रहते थे, जबकि वर्तमान में योगी सरकार में सड़क, पुल, नहर और आधारभूत संरचना का विकास जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जिस तेजी से ग्रामीण संपर्क मार्गों, सिंचाई सुविधाओं और पुलों के निर्माण की दिशा में कार्य किया है, उससे यह क्षेत्र नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। विधायक ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी प्रदेश नई मिसाल कायम कर रहा है, जिससे निवेश और विकास के वातावरण को मजबूती मिली है। उन्होंने जनता से विकास कार्यों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आमजन के जीवन को सुगम बनाने के लिए समर्पित हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विनोद वर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक जी के प्रयास से यह सफलता प्राप्त हुई है।कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अशोक पटेल, मंडल महामंत्री राधेश्याम कन्नौजिया , जनार्दन पटेल, प्रधान योगेन्द्र यादव, भिखारी कन्नौजिया, चौक नगर मंत्री प्रिंस कुमार, सहायक अभियंता घनश्याम गुप्ता, जय हिंद भारती, बृजेश सोनी, एवर अभियंता के अलावा भारी संख्या में ग्रामीण और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।