
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। किसकी नाराजगी से बेरोजगार हो गए पीडब्ल्यूडी के एई व जेई।।
💫 लॉटरी खुली लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की।
02 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश
अयोध्या।। एक झटके में लाेक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण खंड-तीन के एक एई व चार जेई के पास काम नहीं रह गया। उनके बेरोजगारी की वजह बीकापुर विधानसभा क्षेत्र का पूरा कार्य छीन लेना है। नाराजगी में विधायक से लेकर अन्य कई चर्चाएं हैं। सच्चाई तो निर्माण खंड 3 के अधिशासी अभियंता सतपाल को ही मालूम होगी जो कहते हैं की 14 कोसी परिक्रमा पथ को 31 मार्च तक पूर्ण करने के लिए ऐसा हुआ है। उनके इस जवाब को लोक निर्माण विभाग के ही इंजीनियर फेस सेविंग बता खारिज कर देते हैं। उनका कहना है कि एक माह पहले 14 कोसी परिक्रमा संपन्न हो चुकी है। उस समय कार्रवाई तो दूर चेतावनी तक किसी बड़े इंजीनियर या प्रशासनिक अधिकारियों से नहीं मिली। अब उसे पूर्ण करने के लिए काम छीन लेना समझ से परे है। अगली परिक्रमा को अभी 11 महीने बाकी है। दो तिहाई परिक्रमा पथ का काम पूर्ण हो चुका है। उसके आने तक स्वाभाविक है पूर्ण हो जाएगा।मुख्य अभियंता आरके सिंह ने इसे प्रांतीय खंड को सौंपा है।
मुख्य अभियंता का यह आदेश 17 नवंबर का है। ठेकेदारों के बीच जानकारी में तब आया जब प्रांतीय खंड के तारुन, मयाबाजार अयोध्या में कार्य देख रहे दो जेई को सोहावल ब्लाक का पूरा प्रभार सौंप दिया गया। यहीं से कार्य आवंटन में मनचाहे जेई को उपकृत करने की कानाफूसी शुरू है।
निर्माण खंड-तीन के अधिशासी अभियंता ने माना के प्रभार का हस्तांतरण जेई व एई के स्तर पर शुरू है। कार्य छीने जाने को गलत बताया। कहाकि 14 कोसी परिक्रमा पथ को 31 मार्च तक पूर्ण करना है, यही प्रमुख वजह है। डिवीजन (खंड)-तीन में एक संबद्ध एई को जोड़ लिया जाए तो चार एई व आठ जेई हैं। इनको मोटी-मोटी तनख्वाह मिलती है। बीकापुर विधानसभा क्षेत्र छीने जाने से उनके पास काम नहीं रह गया।डिवीजन के पास 14 कोसी परिक्रमा पथ व लगभग साढ़े छह किमी. लंबा लक्ष्मण पथ ही रह गया है।
चर्चा है कि पहले आदेश में मुख्य अभियंता ने सोहावल ब्लाक निर्माण खंड-चार को दिया था। मसौधा, हरिंग्टनगंज, बीकापुर आंशिक प्रांतीय खंड को। पहले भी निर्माण खंड-दो,बाद में डिवीजन चार के समय भी ऐसा ही आवंटन रहा। बताते हैं कि मुख्य अभियंता ने जारी आदेश में संशोधन कर बाद में बीकापुर विधानसभा क्षेत्र का सारा कार्य प्रांतीय खंड को सौंप दिया। नये आदेश से प्रांतीय खंड के एक एई व दो जेई की लाटरी खुल गई जिनके पास अयोध्या, मया बाजार, तारुन का पहले से प्रभार रहा। अब तारुन से लेकर साेहावल तक एक छोर से दूसरे छोर तक की दौड़ भाग पर भी प्रांतीय खंड व निर्माण खंड-चार के एई व जेई सवाल उठाने लगे हैं। राम मंदिर के निर्माण के साथ अयोध्या के विकास कार्यों के लिए शासन ने दो डिवीजन का और अनुमोदन किया था। उनको लेकर चार डिवीजनों में निर्माण खंड-दो भवन निर्माण एवं निर्माण खंड-तीन को राम मंदिर को जोड़ने वाले 13 किमी. लंबे रामपथ का निर्माण, प्रांतीय खंड व निर्माण खंड-चार अन्य सड़क निर्माण के लिए है।








