दरोगा भर्ती परीक्षा: योगी का निर्देश—जाति पर अमर्यादित टिप्पणी नहीं, धार्मिक प्रतीकों पर नरमी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए विवादित सवाल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों को निर्देश दिया कि परीक्षा से जुड़े प्रश्नों में जाति या धर्म पर किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी गलती करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और बार-बार गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए।
विवाद के बाद Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board ने भी सफाई दी। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा और मंगलसूत्र उतरवाने की जरूरत नहीं होगी।
रविवार को दरोगा भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन कई केंद्रों पर नियमों में कुछ नरमी देखने को मिली। पुरुष अभ्यर्थियों के हाथों से कलावा नहीं कटवाया गया और महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र भी नहीं उतरवाया गया। हालांकि सुरक्षा जांच के तहत गले की चेन, हाथ के कड़े, बेल्ट और जूते बाहर ही उतरवाए गए।
प्रदेश में दो दिन चल रही इस परीक्षा का रविवार को आखिरी दिन है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है—पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 से 5 बजे तक।
इस भर्ती के तहत कुल 4,543 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिलाएं शामिल हैं। राज्य के सभी 75 जिलों में 1,090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।