

बलौदाबाजार, 16 मार्च 2026।
जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जिले के तीन आदतन अपराधियों को एक वर्ष की अवधि के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार इन अपराधियों को 24 घंटे के भीतर जिला बलौदाबाजार-भाटापारा सहित आसपास के सीमावर्ती जिलों की सीमा छोड़नी होगी। जब तक यह आदेश प्रभावी रहेगा, तब तक बिना वैधानिक अनुमति के इन आरोपियों को जिले तथा उल्लेखित सीमावर्ती जिलों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। आदेश का उल्लंघन करने की स्थिति में उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के कुशल निर्देशन में जिले में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ऐसे आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा कई अन्य बदमाशों के खिलाफ भी जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय भेजा गया है, जो फिलहाल प्रक्रिया में है।
कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 और 5 (ख) के तहत पारित आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिलाबदर किए गए आरोपी बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, महासमुंद, सक्ति, बेमेतरा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की सीमाओं में भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह आदेश आगामी एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिन तीन आरोपियों को जिलाबदर किया गया है, वे लंबे समय से चोरी, मारपीट, लड़ाई-झगड़ा, अवैध शराब बिक्री और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। इनके खिलाफ पहले भी कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनकी आपराधिक गतिविधियों में कमी नहीं आई। इसी कारण प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।
जिलाबदर किए गए आरोपियों में पहला नाम खेमलाल उर्फ शिवा सोनकर (24 वर्ष) निवासी भवानी नगर सिमगा थाना सिमगा का है। इस आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के दो मामले, लड़ाई-झगड़ा और मारपीट के तीन मामले, आर्म्स एक्ट का एक मामला तथा अवैध मादक पदार्थ की बिक्री का एक प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ तीन बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसे पहली बार वर्ष 2022 में सार्वजनिक स्थान पर नशा करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद वह लगातार विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।
दूसरा आरोपी विलास चेलक उर्फ कानू (25 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर 7 पुरानी बस्ती बलौदाबाजार है। इसके खिलाफ मारपीट और लड़ाई-झगड़े के कुल पांच मामले दर्ज हैं, वहीं अवैध शराब बिक्री का भी एक मामला दर्ज है। आरोपी के खिलाफ दो बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार उसे पहली बार वर्ष 2021 में मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद आरोपी ने कई बार हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया, जिनमें गंभीर अपराध भी शामिल हैं।
तीसरा आरोपी राहुल भारती (21 वर्ष) निवासी भैंसापसरा थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार है। इसके खिलाफ मारपीट सहित सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं आबकारी एक्ट का एक मामला भी पंजीबद्ध है। आरोपी पर एक बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसे वर्ष 2018 में हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध में पहली बार गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदतन अपराधियों पर सख्ती बरती जाएगी और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







