
#मुहर्रम 1448 हिजरी का चांद नजर आया, नए इस्लामिक साल का हुआ आगाज़
#धनबाद। मुहर्रम 1448 हिजरी का चांद नजर आने के साथ ही नए इस्लामिक साल की शुरुआत हो गई है। चांद दिखने की खबर मिलते ही मुस्लिम समुदाय में नए हिजरी वर्ष के स्वागत का माहौल बन गया। मस्जिदों और मोहल्लों में लोगों ने एक-दूसरे को नए इस्लामिक साल की मुबारकबाद दी।
मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और इसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। नए हिजरी वर्ष के आगमन के साथ ही इबादत, दुआ और नेक कार्यों की शुरुआत का संदेश भी जुड़ा हुआ है। मुस्लिम समाज के लोगों ने अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं कीं।
धार्मिक विशेषज्ञयों के अनुसार मुहर्रम का महीना इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शामिल है। इस महीने में लोग इबादत और आध्यात्मिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देते हैं। चांद नजर आने के बाद अब वासेपुर,केंदुआ, कतरास,झरिया, गोविंदपुर, सिजुआ समेत विभिन्न क्षेत्रों में मुहर्रम से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
नए इस्लामी वर्ष के अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों ने लोगों को एकता, सद्भाव और मानवता का संदेश देते हुए मुबारकबाद पेश करते हुए दिखाई दिए।






