
कोचिंग संस्थानों के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गए है। निजी कोचिंग संस्थान अब सौ पर्सेंट चयन और सौ पर्सेंट प्लेसमेंट का दावा नही कर पायेगें। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत बुधवार को कुछ नियम जारी किये गए है। कोचिंग सेंटर पाठ्यक्रम,उसके पूरा होने का समय , शुल्क संरचना ,चयन दर, परीक्षाओ मे रैंकिंग और फीस वापसी के विषय मे झूठे दावे नही कर सकते। नौकरी की सुरक्षा का दावा नही कर सकते। बिना अनुमति के टापर के नाम और फोटो उनके प्रणाम पत्र प्रकाशित नही कर सकते है। टापर की सूची मे नाम दर्ज कराने अथवा किसी नौकरी के लिए चयन के लिए अभ्यर्थी की लिखित अनुमति आवश्यक होगी। कोचिंग संस्थान को केन्द्र और पाठ्यक्रम के विषय मे जानकारी उपलब्ध करानी होगी। संस्थान को टापर द्वारा चयन किये गए पाठ्यक्रम के विषय मे भी जानकारी देनी होगी। केंद्र को उपलब्ध सुविधाओ सेवाओ बुनियादी सुविधाओ आदि के बारे मे जानकारी देनी होगी। संस्थान द्वारा चलाये जा रहे पाठ्यक्रम एआईसीटीई,यूजीसी तथा अन्य समान निकायो द्वारा मान्यता प्राप्त है , इस बारे मे जानकारी प्रदान करना होगा। सरकार का उद्देश्य छात्रों को लुभाने के लिए दिये जाने वाले भ्रामक जानकारी को रोकने का प्रयास करना है।







