पुलिस अधीक्षक कुशीनगर द्वारा सर्किल कसया के थाना को0 हाटा व अहिरौली बाजार पर पंजीकृत धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी बैनामा, जालसाजी, फर्जी बिजा, पैसों के गबन,वित्तीय लेनदेन के लम्बित अभियोगों के संबंध में समीक्षा गोष्ठी कर विवेचनाओं के निस्तारण का प्रशिक्षण करवाया गया व टिप्स दिये गये
कुशीनगर,पुलिस अधीक्षक कुशीनगर द्वारा सर्किल कसया के थाना को0 हाटा व अहिरौली बाजार पर पंजीकृत धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी बैनामा, जालसाजी, फर्जी बिजा, पैसों के गबन,वित्तीय लेनदेन के लम्बित अभियोगों के संबंध में समीक्षा गोष्ठी कर विवेचनाओं के निस्तारण का प्रशिक्षण करवाया गया व टिप्स दिये गये
पुलिस अधीक्षक कुशीनगर संतोष कुमार मिश्रा द्वारा आज दिनांक 28.11.2024 को पुलिस कार्यालय में सर्किल कसया के थाना को0 हाटा व अहिरौली बाजार पर पंजीकृत धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी बैनामा, जालसाजी, फर्जी बिजा, पैसों के गबन, वित्तीय लेनदेन, विदेशो में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसो के गबन, से संबंधित लम्बित अभियोगों के संबंध में समीक्षा गोष्ठी की गयी। गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक द्वारा विवेचनाओं को निस्तारित करने के लिए विवेचको का प्रशिक्षण करवाया गया व टिप्स दिये गये कि विवेचनाओं को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर मानक अनुसार जांच योजना बना कर निस्तारित किया जाय तथा यदि किसी विवेचना में साइबर क्राइम की संलिप्तता पायी जाती है तो संबंधित खातो की भी गहनता से जांच करते हुए मनी ट्रेल स्टेबलिश किया जाय व साइबर अपराधी को भी ट्रेस किया जाय एवं फोरेन्सिक जांच करते हुए साक्ष्य संकलन कि कार्यवाही की जाय। पुलिस अधीक्षक महोदय, द्वारा थानों पर लंबित मुकदमों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई जिसमें थाना अहिरौली बाजार पर 15 व थाना कोतवाली हाटा पर 25 अभियोग लंबित पाये गये जिसमें पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा संबंधित विवेचको पर नाराजगी प्रकट करते हुए थाना हाटा के 03 विवेचकों व अहिरौली बाजार के 02 विवेचको को कड़ी फटकार लगाई गई। धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमें को बिना उच्चाधिकारीगण के संज्ञान में लाये पंजीकृत करने के कारण एक थाना प्रभारी के प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए है। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी विवेचकों को कड़े निर्देश दिये गयें कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर प्रगति परिणाम के साथ 07 दिवस के अन्दर अवगत करायेंगे तथा सभी विवेचक मुकदमों में फिंगर प्रिंट, हार्ड पेपर पर इंकलेट फिंगर प्रिंट पैड से नमूना लेकर त्वरित व गुणवत्तापूर्ण विवेचना निस्तारित करेंगे एवं लंबित मुकदमों को न्यूनतम स्तर पर लायेगें। इसके अतिरिक्त थानों पर आईजीआरएस, जन शिकायत, महिला हेल्प डेस्क पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गयें।
























