

🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | यूपी फतेहपुर: बंद पड़े सरकारी अस्पताल की शर्मनाक हकीकत – तड़पती रही गर्भवती महिला, अस्पताल के बाहर सड़क पर दिया बच्चे को जन्म! 🔴
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश), 9 जुलाई 2025:
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बकेवर कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में जो हुआ, वह सरकार के मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को बेनकाब करता है। एक गर्भवती महिला अनुराधा देवी, जो प्रसव पीड़ा से कराहती हुई आधी रात को अस्पताल पहुंची, लेकिन उसे वहां ताले बंद मिले। कोई डॉक्टर नहीं, कोई नर्स नहीं, कोई सफाईकर्मी तक नहीं। पूरा अस्पताल सुनसान और लापरवाह ताले में बंद!
👉 पति गैर प्रांत में मजदूरी करता है, महिला अकेली बच्चों के साथ… और फिर भी तड़पती रही पूरी रात!
देवमई गांव निवासी संजय पासवान की पत्नी अनुराधा देवी (30) मंगलवार तड़के 3 बजे अपनी प्रसव पीड़ा के कारण बच्चों को साथ लेकर बकेवर PHC पहुंची। वहां गेट पर ताला लगा मिला। महिला ने 112 और 108 नंबरों पर बार-बार कॉल करने की कोशिश की, लेकिन रात के अंधेरे में न कोई जवाब आया, न कोई एंबुलेंस।
🔹 रातभर बरामदे में पड़ी रही महिला… बेहोशी और दर्द में गुजर गई रात…
🔹 सुबह 5 बजे खुले में, बिना किसी चिकित्सकीय मदद के महिला ने नवजात को जन्म दिया।
सचमुच मानवता को शर्मसार कर देने वाला दृश्य रहा। एक ओर महिला बच्चे को जन्म दे रही थी, दूसरी ओर उसका 6 और 4 साल का बच्चा मां के दर्द को देख बेसुध रो रहा था। यह दृश्य ग्रामीणों को झकझोर गया।
➡️ सुबह 8 बजे जब PHC स्टाफ पहुंचा तो आनन-फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। जच्चा-बच्चा दोनों अब सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जड़ता और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया।
🔴 प्रश्नों की बौछार:
रात में अस्पताल बंद क्यों था?
ड्यूटी पर कौन चिकित्सक/ANM मौजूद थी?
अगर जच्चा-बच्चा की मौत हो जाती तो कौन ज़िम्मेदार होता?
क्या यही है योगी सरकार की जननी सुरक्षा योजना?
💬 गांव वालों ने कहा:
“अगर उस महिला की जान चली जाती तो कोई अफसर बस यह कहता – जांच की जाएगी। यहां तो हर रात अस्पताल बंद रहता है।”
🧾 स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी:
अब तक सीएमओ या जिलाधिकारी फतेहपुर की तरफ से कोई भी बयान सामने नहीं आया है। लेकिन मीडिया में मामला आने के बाद जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है।
📢 यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं, यह उस पूरे सिस्टम की नाकामी है जो गांव-गरीब को सिर्फ आंकड़ों में गिनता है, जमीनी जरूरतों में नहीं।
📣 क्या होगा जब अगली बार कोई प्रसूता खुले में दम तोड़ दे?
📣 क्या फतेहपुर के स्वास्थ्य कर्मियों पर होगी कार्यवाही या इस घटना को भी रफा-दफा कर दिया जाएगा?
📣 क्या राज्य सरकार इस पर संज्ञान लेकर ज़िम्मेदारों को सस्पेंड करेगी?
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083














