
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे तोषित कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि कुश जयंती का आयोजन समाज में जनजागरण और एकता का संदेश देने के लिए किया जाता है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युवा शक्ति को देश और समाज की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए. बच्चों को शिक्षित और संस्कारित बनाकर उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने का संकल्प भी लिया गया. उन्होंने कहा कि समाज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रमाणिकता के साथ आगे बढ़ाकर शीर्ष स्थान दिलाना ही मंच का उद्देश्य है.
इस अवसर पर संभागीय संगठन मंत्री धीरेन्द्र कुशवाहा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में इपकेतु कुशवाहा, रामदेव पटेल, प्रेमलाल कुशवाहा, विनोद भगत, हरिकेश कुशवाहा, बी.बी.एल. कुशवाहा, चंद्रभूषण कुशवाहा, देवनारायण कुशवाहा, कांति कुशवाहा, दुर्गा कुशवाहा, रेखा कुशवाहा, बिंदु कुशवाहा, बाबी कुशवाहा और आशा कुशवाहा की उपस्थिति रही.।
युवा मंच के जिला अध्यक्ष संदीप कुशवाहा ने इस मौके पर कहा कि समाज में संगठन की मजबूती ही विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी. उन्होंने नारा दिया जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी. संभागीय सचिव सुग्रीव कुशवाहा, जिला सचिव प्रकाश कुशवाहा, संभागीय सदस्य सतेन्द्र कुशवाहा, अरविन्द अमरसेन कुशवाहा, ओमप्रकाश कुशवाहा, योगेन्द्र कुशवाहा, सुनीता कुशवाहा, संजय कुशवाहा, मोतीलाल कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजजन कार्यक्रम में मौजूद रहे.
पूजा-पाठ के सफल संचालन में सोभनाथ कुशवाहा का विशेष योगदान रहा, जिनकी मेहनत और मार्गदर्शन से यह ऐतिहासिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।










