
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
लखनऊ। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 49,000 करोड़ रुपये के महाघोटाले के आरोपी गुरजंत सिंह गिल को गिरफ्तार कर सनसनी फैला दी है। गुरजंत सिंह पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) का डायरेक्टर है और उस पर देश के 10 राज्यों में लाखों लोगों से निवेश के नाम पर पैसे हड़पने का आरोप है। EOW ने उसे पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया।

कैसे किया गया घोटाला?
पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड का रजिस्ट्रेशन अक्टूबर 2011 में राजस्थान में कराया गया था। कंपनी ने खुद को नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में पेश किया और निवेशकों को प्लॉट दिलाने का झांसा दिया। कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस दिल्ली के बाराखंबा रोड स्थित पॉश इलाके में था। गुरजंत गिल ने अपने सहयोगियों के साथ यूपी, पंजाब, असम, राजस्थान, एमपी, आंध्र प्रदेश, केरल, बिहार और छत्तीसगढ़ में शाखाएं खोलीं।
चमचमाते ऑफिस और बड़े-बड़े वादों के जाल में फंसकर लोग कंपनी पर भरोसा करते गए। आरोप है कि कंपनी ने 10 राज्यों में निवेशकों से करीब 49 हजार करोड़ रुपये जमा कर लिए और फिर फर्जीवाड़ा कर फरार हो गई।
जालौन में दर्ज हुआ केस
यूपी के जालौन, महोबा, सुल्तानपुर और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में PACL के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। जालौन केस में कार्रवाई करते हुए EOW ने गुरजंत सिंह गिल को पकड़ा। कंपनी ने इन जिलों में लोगों को प्लॉट देने का सपना दिखाकर करोड़ों की ठगी की थी।
EOW की बड़ी कार्रवाई
EOW की टीम लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी। मोहाली से पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और अनुमान है कि इस घोटाले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
📌 कंपनी का जाल:
रजिस्ट्रेशन: अक्टूबर 2011, राजस्थान
कॉर्पोरेट ऑफिस: बाराखंबा रोड, नई दिल्ली
शाखाएं: यूपी, पंजाब, राजस्थान, एमपी, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़
आरोप: प्लॉट देने के नाम पर 49,000 करोड़ का फर्जीवाड़ा
👉 यह अब तक के सबसे बड़े आर्थिक अपराधों में से एक माना जा रहा है।










