सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दिया फैसला।
वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि केवल सरकार या मुख्यमंत्री की आलोचना करने पर किसी पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जा सकता।पत्रकार के द्वारा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाली एक ऑनलाइन रिपोर्ट को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी।अदालत ने यूपी पुलिस को चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए उपाध्याय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।