
सरकारी अस्पतालों का गजब हाल, डिलीवरी के बाद महिला को चढ़ाया एक्सपायर ग्लूकोज
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। लखनऊ के सरकारी अस्पतालों का गजब हाल, डिलीवरी के बाद महिला को चढ़ाया एक्सपायर ग्लूकोज; मुंह से आने लगा झाग।।
लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है. यहां सिजेरियन प्रसव के बाद भर्ती एक महिला को एक्सपायरी डेट वाला ग्लूकोज चढ़ाने की घोर लापरवाही सामने आई। जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई। महिला के मुंह से अचानक झाग निकलने लगा। जिस पर परिजनों ने हंगामा मचा दिया।आनन-फानन में महिला को क्वीन मेरी अस्पताल रेफर किया गया। गंभीर बात यह है कि काजोल श्रीवास्तव नाम की इस प्रसूता के अलावा तीन अन्य मरीजों को भी वही खराब ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था।
काकोरी निवासी 28 वर्षीय काजोल श्रीवास्तव का शनिवार सुबह सिजेरियन ऑपरेशन सफल रहा था। बच्चे के जन्म के बाद उन्हें सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। खुशी से चहकते परिवार को क्या पता था कि रविवार तड़के 4 बजे मौत का साया मंडरा जाएगा। पीड़िता के जेठ नीरज श्रीवास्तव ने बताया, “अचानक काजोल की सांसें तेज हो गईं, चेहरा पीला पड़ गया और मुंह से झाग निकलने लगा। जब हमने ग्लूकोज की बोतल चेक की, तो उसकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। हम सब स्तब्ध रह गए।”
परिजनों की चीख-पुकार से अस्पताल में हड़कंप मच गया। गुस्साए परिवार ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई गई। स्टाफ ने इंजेक्शन देकर हालत सुधारने की कोशिश की, लेकिन फायदा न हुआ।अंततः काजोल को गंभीर स्थिति में क्वीन मेरी अस्पताल भेजा गया। जहां उसका इलाज चल रहा है. पीड़िता के पति ने कहा, “यह सिर्फ एक महिला की जिंदगी का सवाल नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी है। हमने पूरी घटना का वीडियो बनाया है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
💫 दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए—
नीरज श्रीवास्तव ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया कि काजोल के अलावा वार्ड में तीन अन्य मरीजों को भी वही एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। सवाल उठता है कि अस्पताल में दवाओं की जांच का कोई सिस्टम है ही नहीं? क्या यह महामारी जैसी लापरवाही का नमूना है, जहां मरीजों की जान जोखिम में डाल दी जाती है।
🔥 सीएचसी ने माना गलती हुई—
सीएचसी प्रभारी डॉ. केडी मिश्रा ने घटना को स्वीकार करते हुए कहा, “हां, एक प्रसूता को एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाने की गलती हुई है। हमने तुरंत एक्शन लिया और दोषी स्टाफ के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। सख्त कार्रवाई की जाएगी.” मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय मिश्रा ने भी मामले को गंभीर बताते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सीएमओ ने कहा, “जांच रिपोर्ट आने पर लापरवाह कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दवाओं की मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।” मौके पर पहुंची काकोरी थाने की पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया और अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी किया।



















