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दिल्ली-लखनऊ-अहमदाबाद में बड़े आतंक-रोधी ऑपरेशन में दर्जनों संदिग्ध गिरफ्तार, भारी विस्फोटक और रिसिन बरामद, डॉक्टर-समेत आतंकियों का नेटवर्क उजागर

सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी जारी की, देशभर में हाई अलर्ट

💥 दिल्ली-लखनऊ-अहमदाबाद में बड़े आतंक-रोधी ऑपरेशन में दर्जनों संदिग्ध गिरफ्तार, भारी विस्फोटक और रिसिन बरामद, डॉक्टर-समेत आतंकियों का नेटवर्क उजागर — सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी जारी की, देशभर में हाई अलर्ट 🚨

नई दिल्ली। हाल के दिनों में देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ चलाए गए आतंक-रोधी और नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े ऑपरेशन में कई अहम गिरफ्तारी और भारी मात्रा में विस्फोटक व विषैले पदार्थ बरामद किए हैं। गुजरात एसआईटी और एटीएस ने संयुक्त बयान में बताया कि गिरफ्तार आतंकियों में तीन प्रमुख संदिग्ध शामिल हैं, जिनके पास “रिसिन” नामक अत्यंत घातक रासायनिक जहर और हथियार बरामद हुए हैं। एटीएस के अनुसार ये संदिग्ध लखनऊ में RSS कार्यालय, दिल्ली की आज़ादपुर सब्जी मंडी और अहमदाबाद के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की रेकी कर रहे थे। इनकी पहचान डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद, आज़ाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल के रूप में हुई है। एटीएस ने बताया कि ये लोग संभावित रासायनिक हमले की योजना बना रहे थे। इसके अलावा, फरीदाबाद और एनसीआर में चलाए गए ऑपरेशन में दो अन्य संदिग्ध डॉक्टरों — डॉ. अदील अहमद राठर और डॉ. मुजम्मिल शकील — को 360 किलो संभावित RDX विस्फोटक और असॉल्ट राइफल्स के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके पास से मिले आईईडी मैनुअल और अल-कायदा से जुड़े दस्तावेज यह संकेत दे रहे हैं कि ये लोग बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी में थे। इन घटनाओं के पीछे एजेंसियों का मानना है कि देशभर में एक संगठित आतंकवादी नेटवर्क सक्रिय था, जिसका उद्देश्य संवेदनशील स्थानों पर हमले करना और बड़ी तबाही मचाना था।

गिरफ्तारि: डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाइए, डॉ. आदिल अहमद राठेर, डॉ. शाहीन शहीद, मौलवी इरफ़ान अहमद, ज़मीर अहमद अहंगर, आरिफ निसार, यासिर–उल–अशरफ़, मक़सूद अहमद, सलमान, नदीम, डॉ. तारिक।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ऑपरेशन देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता माने जा सकते हैं। हालांकि, जांच एजेंसियाँ अभी नेटवर्क की पूरी तह तक नहीं पहुंची हैं और फोन ट्रेल, बैंक ट्रांजेक्शन, अंतरराज्यीय आवागमन और विदेश संचार के माध्यम से इन संदिग्धों के अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में जिन नामों का हवाला दिया जा रहा है, उनमें कई डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि केवल उन्हीं व्यक्तियों तक सीमित है जिन्हें अदालत में पेश किया गया है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी व्यक्ति या समुदाय को सीधे आतंकवादी कहना संवैधानिक और पत्रकारिता के नियमों के खिलाफ होगा।

गिरफ्तारियों के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट घोषित किया है। दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद, मुंबई, लखनऊ और NCR के प्रमुख शहरों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, मार्केट और अन्य संवेदनशील स्थानों पर गश्त और चैकिंग लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति को तुरंत पुलिस को सूचित करें और अफवाहों से दूर रहें। पुलिस का कहना है कि छोटी जानकारी भी बड़े हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।

गिरफ्तार आतंकियों के पास से बरामद सामग्रियों में रिसिन के अलावा असॉल्ट राइफल्स, गोलियां, आईईडी मैनुअल और दस्तावेज शामिल हैं। जांच के दौरान पता चला कि यूपी के रहने वाले संदिग्धों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियारों की व्यवस्था की थी और विभिन्न शहरों में हमले की योजना के लिए रेकी की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं और इनके जरिए बड़े आतंकी हमले संभव हो सकते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रारंभिक चरण में है और जल्द ही पूरे नेटवर्क की पहचान और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि मीडिया और सरकारी एजेंसियाँ स्थिति की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी करेंगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई से आतंकियों के नेटवर्क में गहरी चोट लगी है और इससे भविष्य में होने वाले संभावित हमलों को रोकने में मदद मिलेगी।

देशभर में विशेषज्ञों और नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि ऐसे संगठित नेटवर्क को खत्म करना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही यह घटना देश के लिए चेतावनी भी है कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का सहयोग भी जरूरी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार निगरानी और जांच के जरिए यह सुनिश्चित कर रही हैं कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि बड़ी तबाही का कारण न बने।

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट — एलिक सिंह
संपादक / ब्यूरो चीफ — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / दैनिक आशंका बुलेटिन
📍सहारनपुर | 📞 8217554083

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