


इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने अवमानना मामले में बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। खंडपीठ के न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने बिजनौर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को 5 जनवरी तक जिलाधिकारी को पेश करने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय के आदेश में बताया गया कि अवमानना याचिका में बिजनौर की जिलाधिकारी को नोटिस प्राप्त हो गया था। इस मामले की सुनवाई 6 नवंबर को निर्धारित की गई थी।
निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित न होने पर न्यायमूर्ति ने नाराजगी व्यक्त की और जिलाधिकारी बिजनौर के खिलाफ वारंट जारी कर दिए। यह मामला जनपद बिजनौर के धामपुर तहसील अंतर्गत ग्राम कालासागर के विक्रम सिंह से संबंधित है।
विक्रम सिंह पुत्र किशोरी सिंह ने 27 अगस्त 1973 को तथ्य छिपाकर धनगर जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। विश्व दलित परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र पाल सिंह और अनुसूचित जाति के कुछ संगठनों के पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी।
शिकायत के बाद स्कूटनी कमेटी ने उक्त जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था। इस निरस्तीकरण आदेश के विरुद्ध विक्रम सिंह ने याचिका दाखिल की थी, लेकिन जिलाधिकारी बिजनौर के न्यायालय में उपस्थित न होने पर खंडपीठ ने इसे अवमानना का मामला मानते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं।












