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महा-खुलासा: ‘दक्ष चौधरी’ का कथित अपराध-साम्राज्य — गोरक्षा की आड़ में कानून को चुनौती देता एक ‘इंटरनेट सेंसेशन’

5 जिले, 7 FIR और दिल्ली–UP पुलिस का कसता शिकंजा!

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🚨 महा-खुलासा: ‘दक्ष चौधरी’ का कथित अपराध-साम्राज्य — गोरक्षा की आड़ में कानून को चुनौती देता एक ‘इंटरनेट सेंसेशन’, 5 जिले, 7 FIR और दिल्ली–UP पुलिस का कसता शिकंजा! 🚨

[SPECIAL INVESTIGATION REPORT | क्राइम डेस्क – विशेष कवरेज]
गाजियाबाद/दिल्ली/मथुरा: सोशल मीडिया पर खुद को धर्म का रक्षक, गोरक्षा का प्रहरी और ‘फायरब्रांड’ हिंदू नेता बताने वाले दक्ष चौधरी को लेकर सूत्रों से मिली जानकारी और अब तक के घटनाक्रम एक ऐसी तस्वीर पेश करते हैं, जिसमें रील्स और वायरल वीडियो के पीछे छिपा चेहरा कानून के लिए लगातार चुनौती बनता दिखता है; सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों की बढ़ती संख्या के चलते प्रशासनिक स्तर पर उन्हें हिस्ट्रीशीटर घोषित करने की प्रक्रिया पर भी विचार चल रहा है, जबकि दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के कई थानों में उनके खिलाफ दर्ज FIR और जांचें एक संगठित पैटर्न की ओर इशारा करती हैं—मथुरा के वृंदावन में मांस और शराब की बिक्री के विरोध के नाम पर किए गए कथित हंगामे से लेकर दिल्ली के शास्त्री पार्क क्षेत्र में वायरल मारपीट वीडियो, गाजियाबाद के टीला मोड़ में हथियारों के प्रदर्शन और भड़काऊ भाषण के आरोप, तुगलक रोड क्षेत्र में राजनीतिक स्टंट और शांति भंग, तथा सीलमपुर में दंगा भड़काने की साजिश जैसे मामलों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड और सूत्रों में मिलता है; मथुरा प्रकरण को लेकर अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को ऑन-कैमरा धमकाने, “वर्दी उतरवाने” जैसी भाषा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों के आधार पर BNS की समकक्ष धाराओं (332, 353, 506) में मुकदमा दर्ज किया गया, जहां चार्जशीट की तैयारी की बात कही जा रही है; वहीं दिल्ली के शास्त्री पार्क मामले में, सूत्रों के अनुसार, इंटेलिजेंस यूनिट एक ऐसे नेटवर्क की जांच कर रही है जो विशेष समुदाय को निशाना बनाकर वीडियो वायरल करता रहा, अगस्त 2024 के वायरल वीडियो में जिन मजदूरों को ‘घुसपैठिया’ बताकर पीटे जाने का दावा किया गया था, जांच में उनके पास वैध भारतीय दस्तावेज पाए जाने की बात सामने आई, और चार्जशीट में धार्मिक विद्वेष फैलानेभीड़तंत्र को बढ़ावा देने जैसी धाराओं के शामिल होने का दावा सूत्र कर रहे हैं; राजनीतिक मोर्चे पर भी दक्ष चौधरी का नाम विवादों में रहा है—उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के साथ हुई बदसलूकी और थप्पड़ कांड को लेकर पुलिस रिकॉर्ड्स में वीआईपी सुरक्षा क्षेत्र में अशांति फैलाने और सेंध लगाने से जुड़े मामलों का उल्लेख बताया जाता है, जहां सूत्रों का कहना है कि ऐसे घटनाक्रमों का उद्देश्य विचारधारात्मक बहस से अधिक सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और पब्लिसिटी बटोरना रहा; मुकदमों की कथित सूची पर नजर डालें तो वृंदावन (मथुरा) में पुलिस पर हमला, धमकी और अवैध वसूली के प्रयास जैसे आरोपों में चार्जशीट की तैयारी, शास्त्री पार्क (दिल्ली) में सांप्रदायिक दंगा भड़काने और मारपीट में जमानत पर निगरानी, टीला मोड़ (गाजियाबाद) में हथियारों के प्रदर्शन और भड़काऊ भाषण पर हिस्ट्रीशीट प्रक्रियाधीन, तुगलक रोड (दिल्ली) में राजनीतिक हमले और शांति भंग के मामले कोर्ट में विचाराधीन, तथा सीलमपुर (दिल्ली) में दंगा भड़काने की साजिश की जांच जारी होने की बात सूत्रों से सामने आती है; इसी कड़ी में एक और अहम पहलू फंडिंग का है—सूत्रों के मुताबिक UP STF अब दक्ष चौधरी के पास आने वाले पैसों के स्रोतों की पड़ताल कर रही है, सवाल उठ रहा है कि कोई बड़ा घोषित व्यवसाय न होने के बावजूद लग्जरी गाड़ियों और संसाधनों का प्रबंध कैसे होता है, गोरक्षा के नाम पर व्यापारियों से अवैध वसूली (Extortion) के मौखिक आरोप पुलिस तक पहुंच चुके हैं और कुछ मामलों में लिखित शिकायतें दर्ज होने की प्रक्रिया में बताई जा रही हैं; प्रशासनिक स्तर पर अगला कदम क्या होगा—इस पर भी चर्चाएं तेज हैं, गाजियाबाद के सूत्रों के अनुसार लगातार बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर गुंडा एक्ट लगाने की फाइल टेबल पर है, जिसके तहत जिला बदर, कोर्ट में पेशी से बचने पर कुर्की, और संगठित गिरोह के प्रमाण मिलने पर गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी कार्रवाई संभव बताई जा रही है; कुल मिलाकर यह मामला इस बड़े सवाल को सामने रखता है कि कानून का राज चलेगा या रील का राज, क्योंकि सोशल मीडिया के जरिए खुद को ‘मसीहा’ के रूप में पेश करने वाले कुछ चेहरे, जब जांच की कसौटी पर आते हैं, तो उन पर लगे आरोप और दर्ज मुकदमे एक अलग ही कहानी बयां करते हैं—सूत्रों का कहना है कि पुलिस अब किसी दबाव में नहीं है और आने वाले दिनों में जांच, चार्जशीट और संभावित गिरफ्तारियों को लेकर बड़ी खबरें सामने आ सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में अब एक नया नाम सहारनपुर से भी जुड़ता नजर आ रहा है, जिससे इस नेटवर्क का दायरा और संदिग्ध होता जा रहा है; हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की गई एक पोस्ट में दक्ष चौधरी के साथ सहारनपुर के एक व्यक्ति की नजदीकी और समर्थन खुले तौर पर दिखाया गया है, जिसमें कथित तौर पर न केवल वैचारिक समर्थन बल्कि आपसी समन्वय और गतिविधियों की प्रशंसा भी की गई है, इस पोस्ट के वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या यह सिर्फ सोशल मीडिया की दोस्ती है या फिर किसी बड़े नेटवर्क का संकेत; सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां अब इस नए नाम और उसके संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि सहारनपुर से जुड़ता यह चेहरा केवल ऑनलाइन समर्थन तक सीमित है या फिर कथित गतिविधियों में उसकी कोई सक्रिय भूमिका भी रही है, हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी आधिकारिक पुष्टि की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट को जांच का अहम इनपुट माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर: यह विशेष रिपोर्ट विभिन्न मीडिया सूत्रों, पुलिस रिकॉर्ड्स/उपलब्ध FIR जानकारियों और सूत्रों के दावों पर आधारित है; अंतिम निर्णय न्यायालय के अधीन है।
रिपोर्ट: एलिक सिंह | वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़, सहारनपुर | Bureau Chief – Hulchal India News | 📞 संपर्क: 8217554083

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