

डॉ. प्रतीक्षा गुप्ता बनीं गरीबों की मसीहा, निःशुल्क किया जटिल ऑपरेशन, मरीज को मिली नई जिंदगी।
गिरजा शंकर अवस्थी ब्यूरो बांदा
बांदा (उत्तर प्रदेश)।
जिला अस्पताल बांदा में मानवता और चिकित्सा सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। यहां तैनात चिकित्सक डॉ. प्रतीक्षा गुप्ता ने गरीब मरीज के लिए देवदूत बनकर उसकी जान बचाई।
ग्राम जरर निवासी शिव देवी को अचानक तेज पेट दर्द हुआ, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल बांदा लेकर पहुंचे। भर्ती के बाद डॉ. प्रतीक्षा गुप्ता द्वारा किए गए परीक्षण में पता चला कि मरीज के पेट में बड़ी गांठ (ट्यूमर) है, जिसके लिए तत्काल ऑपरेशन आवश्यक था।
मरीज के परिजन अत्यंत गरीब होने के कारण ऑपरेशन का खर्च उठाने में असमर्थ थे और गहरी चिंता में डूबे हुए थे। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉ. प्रतीक्षा गुप्ता ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कहा—
“आप चिंता न करें, ऑपरेशन मैं स्वयं करूंगी।”
इसके बाद डॉ. गुप्ता ने स्वयं ऑपरेशन थिएटर में जाकर जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, वह भी पूरी तरह निःशुल्क। ऑपरेशन के बाद शिव देवी पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी हैं।
डॉ. प्रतीक्षा गुप्ता के इस सराहनीय और निःस्वार्थ कार्य से क्षेत्र में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है। लोग उन्हें “गरीबों की मसीहा” कहकर सम्मानित कर रहे हैं।
निस्संदेह, ऐसे चिकित्सक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो सेवा को ही अपना धर्म मानते हैं।












