
186वां प्राचीन रामलीला महोत्सव :
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मेरी नाक कटी सो कटी अब अपनी नाक बचा ले तू भाई रावण- शूर्पणखा
फरीदपुर (बरेली)। प्राचीन रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित 186वें रामलीला महोत्सव में चंद्रपाल बृजवासी रामलीला मंडल नवाबगंज के कलाकारों द्वारा बहुत ही अच्छी प्रस्तुति की जा रही है। सात अक्टूबर को रामलीला महोत्सव में शूर्पणखा द्वारा भेष बदलकर श्री राम से शादी करने की बिनती करती है श्री राम द्वारा बहुत ही चतुराई से अपने छोटे भ्राता लक्ष्मण की ओर इशारा करते हैं। सीता माता को अप शब्द कहने वाली शूर्पणखा से क्रोधित होकर लक्ष्मण शूर्पणखा के नाक कान काट लेते हैं। इस पर ऋषि विश्वश्रवा और कैकसी की पुत्री शूर्पणखा अपने भाई रावण के पास जाकर सीता माता का बखान करते हुए कहती है कि मेरी नाक कटी सो कटी अब अपनी नाक बचा ले तू। जिसका देर रात्रि तक राम भक्तों ने आनंद लिया। रामलीला में लक्ष्मण और शूर्पणखा की भूमिका सराहनीय रही। 186वां रामलीला महोत्सव मोहल्ला परा में लगे झूले, मिक्की माउस, ट्रेमपुलीन आदि का बच्चे लुफ्त उठा रहे हैं। वहीं कई तरीके के स्टॉल मेले की शोभा को बढ़ा रहे हैं। रामलीला कमेटी के संरक्षक राजेश चंद्र मिश्रा आदि के दिशा निर्देशन में 186वां प्राचीन रामलीला महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रामलीला महोत्सव में विशेष रूप से रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र शुक्ला, मीडिया प्रभारी अमित तोमर, गोपाल मिश्रा, जीतू राठौर, अशोक कुमार मौर्य, राजेंद्र मिश्रा, डॉक्टर मनोज मिश्रा, राजेश मिश्रा, अजय मिश्रा सहित कमेटी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारीयों का विशेष योगदान रहा





