
कलवारी- बस्ती ।। अंगद की तरह पांव जमाए कई सालों से एक ही हल्के में जमे कलवारी लेखपाल दिनेश सिंह।।
उत्तर प्रदेश
लेखपाल साहब का अंदाज सबसे निराला ‘किसी की मजाल कहां जो बिना रिश्वत के करवा ले इनसे कोई काम’।इनके कार्यो से जादा क्षेत्र में इनके करतूतों चर्चा,कहे जाते भू-माफियाओं के दोस्त-गरीब मजलूमो के दुश्मन।किसी सर्टिफिकेट पर लगानी हो रिपोर्ट या करनी हो नपाई साहब का रेट रहता हमेशा फिक्स। राजस्व विभाग के किसी भी अधिकारी से हो आपका काम आकर सीधे इनसे मिलिए आप करवा देंगे सेटलमेंट। आखिर एंटी करप्शन की नजरों से कैसे बच घूम रहे राजस्व विभाग को शर्मसार करने वाले लेखपाल साहब।अब देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले को संज्ञान में लेकर लंबे समय से एक हल्के में जमे लेखपाल पर कारवाई करते हैं या नहीं?






