
अयोध्या – उत्तर प्रदेश
।। अयोध्या में बीजेपी के ज़िलाध्यक्ष संजीव सिंह ने अयोध्या के टेंडरों में हो रहे फर्जीवाड़े का मुद्दा उठाया।।
⭐ योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी।
चिट्ठी में लिखा कि अयोध्या चार्जिंग बस स्टेशन के टेंडर की खातिर कंपनी द्वारा फर्जी दस्तावेज लगाए गए हैं।कूट रचना करके दस्तावेज लगाए हैं।
शिकायत में यह भी लिखा है कि उक्त कंपनी ने धर्म नगरी अयोध्या में सरयू पुल पर बिजली के काम को फर्जी तरीके से हासिल करने का प्रयास किया है। मगर कोई कार्यवाही नहीं की गई।
अब अयोध्या चार्जिंग बस स्टेशन के काम को दूषित मानसिकता के साथ हासिल करने के लिए टेंडर में प्रतिभाग किया गया है। उन्होंने इस टेंडर को निरस्त करने और फिर से निविदा कराने के लिए निदेशक C&DS- Construction & Design Services,UP Jal Nigam(Urban),को निर्देशित करने के लिए योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।
अभी तक इस पत्र पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। कंपनी के नाम समेत पूरा ब्योरा सरकार की जानकारी में है।इससे पहले अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ ही ज़मीनों की ख़रीद फरोख्त में भ्रष्टाचार, अनियमितता, प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा आयोजन की ‘सरकारी’ ऑडिट में पकड़ी गई लूट अनियमितता, और आवास विकास परिषद की ओर से अयोध्या के मूल निवासियों की करीब डेढ़ हज़ार एकड़ ज़मीन औने पौने दामों में अधिग्रहण कर, बिल्डरों/होटल व्यवसायियों व बड़े उद्योगपतियों को बेचे जाने के हैरतअंगेज़ मामले सामने आ चुके हैं।
तुलसी राम के नाम को कलियुग में कल्पतरु यानि कल्प का वृक्ष और राम की भक्ति को कामधेनु कह गए हैं, जिनकी आराधना से मनचाहे फल की प्राप्त होती है।
⭐ वे लिखते हैं-
“राम नाम कलि कामतरु, राम भगति सुरधेनु।
सकल सुमंगल मूल जग, गुरुपद पंकज रेनु॥”
ऐसा लगता है कि अयोध्या के नवप्रसूत अर्थात नए जन्मे रामभक्तों ने तुलसी की इस चौपाई को बहुत गंभीरता से लिया है, और राम के नाम व राम की भक्ति से कुबेर के मनचाहे कोष को प्राप्त करने की अद्वैत साधना में जुट गए हैं। कुबेर के अकूत धन धान्य वाले कोष की खातिर राम के नाम पर जारी, राम भक्तों की इस महान तप साधना को देखकर मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु राम की आंखे निसंदेह सजल हो उठी होंगी।।








