उत्तर प्रदेशबस्ती

।। गणपति फार्मा ने जनवरी से जून तक छ: माह में करीब दो करोड़ का धंधा किया।।

।। गणपति फार्मा को जिले को चार थोक फर्मों ने 1.76 लाख बॉटल कोडीन सिरप दिया, जिसे क्षारखंड के शैली ट्रेडर्स से खरीदा गया।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती ।। कोडीनयुक्त कफ सिरप चार थोक फर्मों से खरीद कर बेचने वालों आरोपी थोक विक्रेता गणपति फार्मा ने जनवरी से जून तक छ: माह में करीब दो करोड़ का धंधा किया। सेंट्रल और स्टेट का जीएसटी जरूर जमा किया, लेकिन खरीद-फरोख्त कागजों में होती रही। जीएसटी में रजिस्टर्ड किसी फर्म का उपयोग नहीं किया गया। फार्मा के खिलाफ केस दर्ज है, मगर उसके संचालक को खोजना पुलिस के लिए चुनौती बन हुआ है।

13 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

बस्ती शहर के गांधीनगर स्थित औषधि बेचने का लाइसेंस मिला। इस फर्म ने सेंट्रल के पोर्टल पर जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराया और जीएसटी नंबर प्राप्त कर लिया। फार्मा ने जनवरी 2025 से दवाओं की खरीद शुरू की। जनवरी से मार्च और फिर अगले वित्तीय वर्ष अप्रैल से जून 2025 तक दवाओं की खरीद-फरोख्त हुई। गणपति फार्मा को जिले को चार थोक फर्मों ने 1.76 लाख बॉटल कोडीन सिरप दिया, जिसे क्षारखंड के शैली ट्रेडर्स से खरीदा गया था। गणपति फार्मा को आपूर्ति करने वाली इन चारों फर्मो में से एक फर्म ऐसी भी है, जिसने केवल गणपति फार्मा के साथ ही सौदा किया। इसने पांच माह में 48 लाख रुपये का सिरप गणपति फार्मा को दिया। इसके अलावा किसी अन्य दवा को कोई खरीद-फरोख्त नहीं की गई। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों ही फर्मों ने सुनियोजित तरीके से कोडीनयुक्त सिरप का धंधा किया। जनवरी से जून तक छह माह में गणपति फार्मा ने इन सेंट्रल जीएसटी पर दर्ज ब्योरे के अनुसार चारों धोक फर्मों ने अपने धंधे को जीएसटी पोर्टल पर दिखाया और बताया कि उसने गणपत के जीएसटी के लिंक इसके गणपति ने पूरे दो करोड़ का माल बेच दिया और एटीमेंस्ट एक भी बी-टू फॉर्म पर बेचा। इस फॉर्म के अनुसार गणपति को माल बेचने वाली फर्म का विवरण नहीं देना था । अलबतता उसने सेंट्रल    जीएसटी और स्टेट जीएसटी जमा कर दिया। सूत्रों की माने पूरा माल कागजी में बेच दिया गया सरकार को टैक्स दे दिया और मुके उलटकर बंदरबांट हो गया। इन सभी फों को जिले के एक चर्चित सोए ने ऑडिट किया है।

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