विधायक रमेश चंद्र मिश्र, देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, यूपी में बीजेपी सचिव अभिजात मिश्रा और हिंदू महासभा ने भी इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. साथ ही सीएम योगी से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.
यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, इस परीक्षा के पेपर में पूछे गए एक सवाल पर आपत्ति जताई जा रही है. इसको लेकर बीजेपी के तमाम विधायकों और संगठन के नेताओं ने खुलकर विरोध जताया है और कार्रवाई की मांग की है.
उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस पर सत्ताधारी बीजेपी के भीतर से ही आपत्तियां उठने लगी हैं. राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न में दिए गए विकल्पों पर सरकार को गंभीर आपत्ति है.
वहीं बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्र, देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, यूपी में बीजेपी सचिव अभिजात मिश्रा और हिंदू महासभा ने भी इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. साथ ही सीएम योगी से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की है.
दरअसल शनिवार (14 मार्च) को आयोजित परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया था- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वालों के लिए एक शब्द में उत्तर दें. इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे- पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी. प्रश्न के विकल्पों में पंडित शब्द शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई गई है, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं. बता दें कि इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमें कड़ी आपत्ति है. सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है. किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने पोस्ट में कहा, मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए. इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं. संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है. प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.