
सतना/नागौद: मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशानुसार सतना जिले के नागौद विकासखंड में भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्मजयंती के अंतर्गत व्याख्यानमाला का आयोजन जनपद सभागार नागौद में किया गया। व्याख्यानमाला में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री कल्पना उमेश प्रताप सिंह कार्यक्रम के अध्यक्षता उचेहरा ग्राम पंचायत सरपंच संघ के अध्यक्ष शिबू सिंह परिहार, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक अरुण प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में रिटायर शिक्षक श्री मोहन लाल वर्मा भाजपा परसमनिया मंडल प्रभारी श्री ध्रुव राज सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा बाबा साहब के तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया *विकासखंड समन्वयक अरुण प्रताप सिंह द्वारा* अतिथियों का स्वागत किया गया उसके उपरांत कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन करते हुए भारत रत्न भीमराव अंबेडकर जी का जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था उनके प्रारंभिक जीवन सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसे कुप्रथाओं के बीच-बीता स्कूलों में उन्हें अन्य बच्चों से अलग बैठना पड़ता था और पानी पीने तक की मनाही थी लेकिन इन चुनौतियों ने उनके लिए एक संकल्प को और मजबूत बना दिया और उन्होंने संकल्प लिया कि देश को इस कुप्रथा से निजात दिलाने के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष करूंगा एक तरफ सामाजिक कुप्रथा से प्रभावित दूसरी तरफ से उनका पालन करने वाले ने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में शिक्षा के लिए सहयोग कर काबिल बनने में भूमिका निभाई थी वे स्वतंत्र देश के पहले कानून मंत्री बने और विश्व भर के संविधान का अध्ययन कर देश की निरपेक्षता अखंडता समानता का अधिकार दिलाने हेतु राष्ट्र एवं मानव हित के लिए संविधान में संग्रहित करने का कार्य किया गया आज विश्व भर में भारत का संविधान सशक्त और मजबूत न्याय प्रिय मिशाल है उनके परिश्रम एवं त्याग का परिणाम है उन्होंने एक ऐसे भारत की नींव रखी जहां जाति धर्म और लिंग के आधार पर कोई भेदभाव ना हो उन्होंने पिछड़ों दलितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया उन्होंने माना की शिक्षा शेरनी का दूध है अपनी विलक्षण बुद्ध के बल पर उन्होंने अमेरिका, लंदन, जैसे नामी विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की उन्होंने कानून एवं अर्थशास्त्र में महारत हासिल की उन्होंने समाज में भेद-भाव की बेडियो को तोड़ने के लिए शिक्षा को ही एक बड़ा हथियार बनाया ऐसे महापुरुष का अनुकरण करना चाहिए *मुख्य अतिथि कल्पना उमेश प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि* बाबा साहब एक दूर दूरदर्शी सचेतक चिंतक और राष्ट्र के प्रति समर्पित थे उन्होंने महिलाओं एवं वंचित वर्गों के अधिकार के प्रति हमेशा संघर्ष किया है उन्होंने महिलाओं शिक्षा एवं आर्थिक व्यवस्था के प्रति सचेत करने का प्रयास किया विशिष्ट अतिथि *मोहनलाल वर्मा जी द्वारा अपने उद्बोधन को कहा* कि बाबा साहब ने प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे उनकी पूरी टीम ने इस पुनीत कार्य में सहभागी रही हैं वंचित वर्ग, महिलाओं के अधिकारों के लिए पूरा जीवन संघर्ष किया उन्होंने नारा दिया शिक्षित बनो संगठित हो और संघर्ष करो उन्होंने आरक्षण पर बात करते हुए कहा कि किसी भी परिवार को एक बार आरक्षण मिलना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि यदि चाहे हिंदू , मुस्लिम,सिख,ईसाई हो यदि धर्म परिवर्तन करता है तो उसको आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए आज देश में बड़ी विसंगतियां हैं धर्म के नाम पर जाति के नाम पर आपस में लड़ाया जा रहा है भाईचारे को नष्ट किया जा रहा है हम सब राष्ट्र हित के लिए संगठित होकर विकास के लिए भूमिका निभानी चाहिए जिससे हमारा देश आर्थिक रूप से विकसित एवं मजबूत हो *ध्रुव राज सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा* महापुरुष किसी जाति धर्म के नहीं होते राष्ट्र के होते हैं हम सबको संविधान को पढ़ना चाहिए जानना चाहिए कि हमारे अधिकार एवं कर्तव्य क्या है प्रेरणा लेना चाहिए उनके जीवन में संघर्ष करने की हम सबको प्रेरणा मिलती है तो जीवन संघर्ष का एक पर्याय है विचलित नहीं होना चाहिए हम सबको संघर्ष करने की एक प्रेरणा मिलती है *सरपंच संघ के अध्यक्ष शिबू सिंह परिहार* ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों ना हो इच्छा शक्ति और ज्ञान के बल पर दुनिया को बदला जा सकता है वह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि न्याय और समानता के एक जीवंत प्रेरणा थे एमएसडब्ल्यू के छात्र सोचनी, शिवा, लक्ष्मी, रवि पांडे ने भी अपने विचार रखें कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता सरोज गुर्जर एवं आभार समीक्षा सिंह ने किया *कार्यक्रम में इनकी रही भूमिका* वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रयास बाल कल्याण समिति के संस्थापक जितेंद्र सिंह , जय गुरुदेव वेलफेयर सोसाइटी के सचिव संजय सोनी, टी एस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सीमा सिंह, बेलगहना उत्थान समिति बेलगहना उत्थान समिति के अध्यक्ष धीरज सिंह, गाड़ा पार जनकल्याण समिति के अध्यक्ष कमला कपाड़िया, कैलाश देवी शिक्षा समिति के अध्यक्ष महादेव सोनी, परामर्शदाता विवेक सिंह विनोद शुक्ला रामबालक दहिया शिवशरण विश्वकर्मा इंडिया पाल गिरधारी लाल कुशवाहा अरुण सेन, सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, लक्ष्मी कोरी, लक्ष्मी कुशवाहा, राधा कुशवाहा, पुष्पा प्रजापति, अभिलाषा विश्वकर्मा, अनूप त्रिपाठी, दिवाकर प्रजापति,अनुज अवधिया प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष सचिव उपस्थित रहे आयोजित कार्यक्रम मंचासीनअतिथियों द्वारा नवांकुर एवं प्रस्फुटन समितियां के पदाधिकारी
सी.एम.सी.एल.डी.पी. के छात्रों को संविधान के सशक्तिकरण और समतामूलक समाज की स्थापना की शपथ दिलाई गई





