
रिपोर्ट:- देवेन्द्र सुथार
विश्व कल्याण के लिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज विश्व के हर प्राणी को सुख शांति और मोक्ष प्रदान करने के लिए रात दिन आध्यात्मिक सत्संग घर बैठे ही पहुंचा रहे हैं।
पाली जिले की बाली तहसील के नाना गांव में सत्संग के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज ने सत्संग में तत्व ज्ञान क्या है और तवदर्शी संत कौन है तथा कैसा होता है के बारे में बताया कि परम आदरणीय गरीब दास जी महाराज जी ने अपनी वाणी में बताया है कि गरीब, सतगुरु के लक्षण कहु मधुरे बेन विनोद, चार वेद,षट शास्त्र वह कहे अट्ठारह बोध।। ततपश्चात गीता अध्याय 15 श्लोक 1 से 4 में भी प्रमाण दिखा कर बताया कि जो संत सभी शास्त्रों से प्रमाणित ज्ञान बताएगा वह तत्वदर्शी संत होगा और उसी के द्वारा बताई गई भगति विधि से ही मोक्ष प्राप्त होगा किसी अन्य से नही। साथ ही समाज में फैली कुप्रथाएं,दहेज नही लेना और देना,रिश्वत लेना,भ्रूण हत्या,नशा खोरी आदि से दूर रहने और ऐसे कार्यो में सहयोग नही देने आदि की जानकारी संत जी ने दी। स्थानीय तहसील सेवादार घीसूलाल मीना ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा निशुल्क दी जाती है कही कोई भी शुल्क नही लिया जाता है। सत्संग को सुनकर 16 श्रोताओं ने संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा प्राप्त की और अंतिम श्वास तक नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली। इस कार्यक्रम में सोहन लाल पंवार,लक्ष्मण चौधरी, मांगीलाल जी,निकेश कुमार,अमर सिंह,शंकर जी,मनरूप जी प्रकाश जी सेंदला,नारायणजी, प्रह्लाद जी,हिम्मत जी,लक्ष्मणचौधरी,मांगीलाल ,राणाराम ,पेमाराम, साकलाराम,गोविंद और कई गांव के श्रोता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।





