
जिला स्वास्थ्य समिति (डी0एच0एस0) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबधित योजनाओ की समीक्षा बैठक
श्री जयेन्द्र कुमार की उपस्थिति में कर संबंधित को आवश्यक निर्देश दिया।
सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में टीबी रोगियों की पहचान और उनके इलाज को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि टीबी रोगी खोज कार्यक्रम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सीएचओ के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को प्रति माह कम से कम 2-3 संदिग्ध मरीजों के सैंपल एकत्र करने का लक्ष्य दिया। टीबी मरीजों को मिलने वाली 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान और पोषण पोटली का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान के निर्देश दिए गए
टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए सभी एमओआईसी को शेड्यूल के अनुसार निरीक्षण और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। बीसीपीएम को नवजात शिशुओं की रिपोर्टिंग समय पर करने और गांवों में रैंडम निरीक्षण के निर्देश दिए गए। आशा कार्यकर्ताओं की किट की जांच और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
गर्भवती महिलाओं के लिए संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर दिया गया। नवजात शिशुओं का सटीक वजन लेने और वजन मशीनों की मरम्मत के निर्देश दिए गए। जोगिया के
एमओआईसी की खराब प्रगति पर नाराजगी जताई गई। वीएचएनडी दिवस पर आशा, एएनएम और सीएचओ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही उनके प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान के निर्देश दिए गए।
शिकायत प्राप्त होने पर मेरे स्तर से कड़ी कार्रवाई की जायेगी
डीएम ने प्राचार्य मेडिकल कालेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत एमओआईसी को निर्देश देते हुए कहा कि किसी गर्भवती महिला को जानबूझ कर किसी अन्य जगह रेफर कदापि न किया जाय। इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर मेरे स्तर से कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने सभी संबधित मेडिकल ऑफिसरों को निर्देश देते हुए कहा कि जहां पर एक्स-रे मशीन नहीं है। वहां मशीन स्थापित कराया जाये। डीएम ने समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को परेशान न किया जाए। बाहर की दवा न लिखे।





