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सहारनपुर में शिक्षा बनी बोझ, फीस और किताबों के खर्च से बेहाल अभिभावक!

बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए माता-पिता उधार, कर्ज और यहाँ तक कि खून तक बेचने को मजबूर हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूलों की बेलगाम फीस और किताबों के नाम पर हो रही खुली लूट पर सरकार, प्रशासन और शिक्षा विभाग खामोश हैं।

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📚 **सहारनपुर में शिक्षा बनी बोझ, फीस और किताबों के खर्च से बेहाल अभिभावक!

सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल – क्या शिक्षा अब व्यापार बन चुकी है?**

रिपोर्ट: वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़ ब्यूरो, सहारनपुर

सहारनपुर में शिक्षा अब आम आदमी के लिए ‘सपना’ बनती जा रही है। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए माता-पिता उधार, कर्ज और यहाँ तक कि खून तक बेचने को मजबूर हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूलों की बेलगाम फीस और किताबों के नाम पर हो रही खुली लूट पर सरकार, प्रशासन और शिक्षा विभाग खामोश हैं।


🧾 नया सत्र, नई मुश्किलें – हर साल बढ़ती फीस, महंगी किताबें और जबरन वसूली

  • सहारनपुर के कई निजी स्कूलों ने बिना अनुमति फीस में 15% से 30% तक वृद्धि की है।

  • किताबों और यूनिफॉर्म की खरीद निर्धारित दुकानों से अनिवार्य कर दी गई है, जहाँ दाम दो गुने तक वसूले जा रहे हैं।

  • डेवलपमेंट फीस, एक्टिविटी चार्ज, स्मार्ट क्लास फीस जैसे नाम पर हजारों रुपये जबरन वसूले जा रहे हैं।

एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:

“बच्चे की किताबों का सेट 8,200 रुपये में मिला। ऊपर से 6,000 रुपये यूनिफॉर्म, 12,000 रुपये एडमिशन और डेवलपमेंट फीस। ये तो लूट है!”


👨‍👩‍👧‍👦 ‘हम खून बेचेंगे, पर बच्चों को पढ़ाएंगे’ – मजबूर अभिभावकों की चीख़ नहीं सुन रहा कोई

बेहट क्षेत्र की एक महिला ने फूट-फूट कर बताया कि उसने अपनी बेटी के स्कूल खर्च के लिए अपने गहने गिरवी रख दिए
गंगोह के एक रिक्शा चालक ने कहा,

“बेटी डॉक्टर बनना चाहती है… मैं कर्ज लेकर पढ़ा रहा हूँ… लेकिन स्कूल वालों की फीस मेरी कमाई से 4 गुना ज्यादा है।”


🚨 प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़गी – नहीं बन सकी फीस नियंत्रण नीति

हर साल शिक्षा विभाग दावा करता है कि वह फीस नियंत्रण कानून लेकर आ रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस नीति नहीं बनी।
जिला शिक्षा अधिकारी और विकास प्राधिकरण इस पूरे मुद्दे पर अब तक सिर्फ ‘नोटिस’ की भाषा में उलझे हुए हैं।


📢 अब अभिभावकों की एकजुटता ही बनेगी ताकत!

सहारनपुर में “अभिभावक अधिकार मंच” नाम से एक नया संगठन बन रहा है जो स्कूलों और सरकार के सामने संयुक्त रूप से मोर्चा खोलने की तैयारी में है।
उनकी मुख्य मांगें हैं:

  • फीस में वार्षिक सीमा तय की जाए

  • किताबें व यूनिफॉर्म खुले बाज़ार से खरीदने की छूट मिले

  • मनमानी वसूली करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई हो

  • जिला स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र बने


🎯 वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़ की अपील:

हम सरकार और जिला प्रशासन से अपील करते हैं कि:

📌 शिक्षा को आम जनता की पहुँच में रखा जाए।
📌 फीस व किताबों पर नियंत्रण का कानून लाया जाए।
📌 स्कूलों की अकाउंटिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित हो।


📍 आप भी अभिभावक हैं और इस लूट से परेशान हैं? अपनी कहानी भेजें!
हम आपकी आवाज़ को ज़िला अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुँचाएँगे।

📰 वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़
✍️ संपादक: एलिक सिंह | 📞 संपर्क: 8217554083
📌 जिला प्रभारी – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद

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