A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरदेश

सहारनपुर। मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत जागरूकता अभियान — साइबर सुरक्षा से कानूनी अधिकारों तक महिलाओं को मिली अहम जानकारी

थाना मिर्जापुर पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया।

WhatsApp Image 2025 09 30 at 2.43.32 PM WhatsApp Image 2025 09 30 at 2.43.31 PM

सहारनपुर। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में मिर्जापुर पुलिस की बड़ी पहल


सहारनपुर। मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत जागरूकता अभियान — साइबर सुरक्षा से कानूनी अधिकारों तक महिलाओं को मिली अहम जानकारी
रिपोर्ट: एलिक सिंह, संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र एवं वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ 📞 8217554083


सहारनपुर।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत बनाने की दिशा में थाना मिर्जापुर पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया। यह विशेष कार्यक्रम ग्राम कासमपुर पाङली और कस्बा बाजार मिर्जापुर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्राएं, स्थानीय नागरिक और पुलिसकर्मी शामिल हुए।

इस अभियान का उद्देश्य था — महिलाओं को आधुनिक चुनौतियों के प्रति सतर्क करना, उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना।


डिजिटल सुरक्षा और साइबर क्राइम पर जोर

कार्यक्रम की शुरुआत महिला पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को डिजिटल युग में बढ़ते अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देकर की। वक्ताओं ने डिजिटल एरेस्टिंग, सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली झूठी अफवाहों और ऑनलाइन ठगी जैसे अपराधों के खतरों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने समझाया कि आज के समय में ठग लोग ऑनलाइन फर्जी लिंक, ओटीपी या फर्जी कॉल के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते हैं। महिलाओं और छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके बताए गए, जिनमें किसी अजनबी लिंक पर क्लिक न करना, निजी जानकारी साझा न करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई।


महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी

पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोज़गार और उद्यमिता योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

इसके अलावा उपस्थित छात्राओं को बताया गया कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर वे अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।


कानूनी प्रावधानों पर विशेष सत्र

कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या साइबर अपराध जैसी स्थितियों में महिलाएं सीधे पुलिस की मदद ले सकती हैं और कानून उनके पक्ष में खड़ा है।

पुलिस ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को गोपनीय रखा जाएगा और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।


महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी

महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थितियों में संपर्क के लिए आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई:

  • 👮‍♀️ 1090 — वूमेन पावर लाइन: उत्पीड़न की शिकायतों के लिए।

  • 🛡️ 1930 — साइबर अपराध रिपोर्टिंग हेल्पलाइन: ऑनलाइन ठगी व धोखाधड़ी से बचाव हेतु।

  • 🚑 108 — एंबुलेंस सेवा: स्वास्थ्य आपातकाल में मदद के लिए।

  • 🚔 112 — पुलिस आपातकालीन सेवा (पावर 112): किसी भी खतरे में तत्काल पुलिस सहायता हेतु।

  • 👧 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन: बच्चों से जुड़े संकटों में मदद के लिए।


“नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान पर जागरूकता

पुलिस टीम ने सड़क सुरक्षा के महत्व को भी समझाया। उन्होंने “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि हेलमेट न पहनने वालों को पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगा और लोगों की जान बचाएगा।


खुलकर साझा की गई समस्याएं, मिला समाधान का आश्वासन

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं की समस्याएं सुनीं। महिलाओं ने बेझिझक अपनी परेशानियां बताईं, जैसे घरेलू हिंसा, स्कूल-कॉलेज में उत्पीड़न, साइबर बुलिंग आदि।

पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।


जनता ने की पहल की सराहना

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने मिर्जापुर पुलिस की इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने बताया कि उन्हें पहली बार साइबर अपराध, हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी अधिकारों की इतनी स्पष्ट जानकारी मिली, जिससे वे अब ज्यादा सुरक्षित और जागरूक महसूस कर रही हैं।


निष्कर्ष: मिशन शक्ति अभियान बना महिलाओं का सहारा

थाना मिर्जापुर पुलिस द्वारा मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा की ढाल और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा बन रहा है।

इस कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

“महिला सुरक्षा, हर बेटी की मुस्कान और समाज में सम्मान की गारंटी — यही मिशन शक्ति की असली पहचान है।”

Back to top button
error: Content is protected !!