
।। एंटीबायोटिक दवा नकली ही नहीं घटिया भी…हैरान करने वाला खुलासा, जांच के लिए कुल 24 नमूने लैब भेजे गए थे।।
आगरा
हे मां मेडिको की एंटीबायोटिक दवा जांच में घटिया निकली। हे मां मेडिको समेत पांच फर्मो से जांच के लिए कुल 24 नमूने लैब भेजे गए थे।
नकली दवा मामले में हे मां मेडिको से लिए गए दवाओं में से एक की रिपोर्ट औषधि विभाग को प्राप्त हो गई है। ये जांच में घटिया मिली है। इस फर्म से 14 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 13 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। हे मां मेडिको और बंसल मेडिकल एजेंसी समेत पांच फर्म से लिए गए 24 में से 23 नमूनों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि 22 अगस्त को हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडिप्वाइंट, ताज मेडिको और राधे मेडिको से विभिन्न दवाओं के 24 नमूने जांच के लिए भेजे थे। इसमें हे मां मेडिको के 14 नमूने थे। इनमें से मॉक्स सीवी-625 एमजी की दवा की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। ये दवा सनफार्मा कंपनी के नाम से बनी थी। इसमें जरूरी तत्वों की कमी मिली है, जांच में ये अद्योमानक मिली है। एक तरह से घटिया है और मर्ज पर देर से असर करेगी। दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इसकी रिपोर्ट शासन और कंपनी को भी भेज दी है। अन्य दवाओं के नमूनों की भी रिपोर्ट चरणबद्ध आएगी।
⭐पांच फर्म से पकड़ी थी 71 करोड़ की दवाएं—
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि 22 अगस्त से 10 दिन तक चली कार्रवाई में हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडिप्वाइंट, ताज मेडिको और राधे मेडिको के गोदामों से करीब 71 करोड़ की दवाएं सीज की हैं। इनमें नामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं खपाई जा रही थीं। इसमें लखनऊ, बरेली, मुजफ्फर नगर, पुडुचेरी और अलीगढ़ में भी दवाएं जब्त की हैं।
⭐अद्योमानक भले हों, नकली श्रेणी में ही दर्ज होगा केस–
सहायक आयुक्त औषध बस्ती मंडल नरेश मोहन दीपक ने बताया कि जांच में भले ही दवा अद्योमानक मिली हो, लेकिन ये नकली की श्रेणी में ही रखी जाएगी। दवा के लिए फार्मुलेशन पर संबंधित कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट कर क्लीनिकल ट्रायल करती है। इसके असर और दुष्प्रभाव का अध्ययन होता है। पहले जन्तुओं पर ट्रायल में सफल होने के बाद मनुष्यों के उपयोग में लाई जाती है। नामी कंपनी के नाम से दवाएं बनाने पर इनका पालन नहीं होता है। ऐसे में नकली दवा मानते हुए केस में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।





















