
बस्ती ।। कुदरहा ब्लॉक में जेई कृष्ण प्रताप गिरी बना भ्रष्टाचार का सरगना। जहां तैनाती वहीं फर्जीवाड़े का साम्राज्य — काम सिर्फ कागजों पर, ज़मीन पर सन्नाटा। जनता के पैसों से जेई ने रची भ्रष्टाचार की पूरी पटकथा — विकास के नाम पर विनाश।
💫 सीसी रोड, नाली निर्माण, मस्टरोल — हर जगह जेई की कलम से निकला घोटाला।
अधिकारी बने जेई के मोहरे, कोई सवाल नहीं, कोई कार्रवाई नहीं। कुदरहा ब्लॉक में घटिया निर्माण, मगर भुगतान पूरा — सवालों से भागता प्रशासन।एमबी से लेकर बिल तक, सब फर्जी दस्तावेज़ों का खेल — मास्टरमाइंड जेई गिरी की अगुवाई में।पंचायतें बन गईं लूट का ठिकाना, जनता बेबस — जेई की मौज जारी।
जांच के नाम पर लीपापोती, रिपोर्ट गायब, सच दबा हुआ फाइलों में।कुदरहा ब्लॉक की साख पर लग रहा दाग — जेई गिरी के कारण। लोग गरज उठे — “कृष्ण प्रताप गिरी नहीं, भ्रष्टाचार का दूसरा नाम है ये!”
जेई कृष्ण प्रताप गिरी पर आरोप गंभीर , लेकिन जांच अब तक शुरू नहीं। कुदरहा ब्लॉक में जेई कृष्ण प्रताप गिरी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप।फर्जी मस्टरोल और कागज़ी निर्माण कार्य का बड़ा मामला सामने आया।लाखों रुपये के फर्जी भुगतान की खुली पोल।ग्रामीणों और मीडिया ने रखे कई ठोस साक्ष्य।फिर भी अब तक विभागीय जांच शुरू नहीं हुई।
पंचायती राज विभाग मामले को दबाने में जुटा हुआ। अफसरों की चुप्पी से बढ़ रहा है संदेह। ग्रामीणों में आक्रोश, कहा – दोषी को संरक्षण मिल रहा है।फाइलें दफ्तरों में पड़ी, कार्रवाई का कोई नामोनिशान नहीं।
जेई कृष्ण प्रताप गिरी खुलेआम घूम रहे, बिना किसी जवाबदेही के। विभागीय स्तर पर जांच रोकने की कोशिशें जारी। सवाल — कब होगी कार्रवाई, या फिर भ्रष्टाचार पर पड़ेगा सरकारी पर्दा?








