
दरोगा से ही मांगी गई रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा अनुवादक
अस्पताल के बाहर हुआ ट्रैप, रिश्वत लेते पकड़ा गया अनुवादक
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। कानपुर में अनोखा भ्रष्टाचार मामला, दरोगा से ही मांगी गई रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा अनुवादक।।
कानपुर में भ्रष्टाचार का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस विभाग में तैनात एक दरोगा से ही रिश्वत मांगी गई। दरोगा ने इस रिश्वतखोरी के खिलाफ कदम उठाते हुए एंटी करप्शन टीम की मदद ली और आरोपी अनुवादक को रंगे हाथों पकड़वा दिया। मामला कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के प्रधान लिपिक कार्यालय से जुड़ा है, जहां पर उर्दू अनुवादक महफूज अहमद को पांच हजार रुपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
💫 अस्पताल के बाहर हुआ ट्रैप, रिश्वत लेते पकड़ा गया अनुवादक—
जानकारी के मुताबिक, एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को बजरिया स्थित एक अस्पताल के सामने ट्रैप बिछाया था। जैसे ही आरोपी अनुवादक महफूज अहमद ने पांच हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। देर शाम उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। शनिवार को आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
⭐ दरोगा ने बताया कोर्ट आदेश के बाद भी नहीं हुआ वेतन सुधार—
शिकायतकर्ता उप निरीक्षक उदयपाल पांडेय, जो कल्याणपुर आवास विकास चौकी में तैनात हैं, ने बताया कि उनके वेतन में विसंगतियां थीं। उन्होंने प्रधान लिपिक कार्यालय में आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां से उनके पक्ष में आदेश आया। इसके बावजूद वेतन में सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने अवमानना याचिका दायर की। इसी दौरान महफूज अहमद ने उनसे रिश्वत की मांग की।
⭐ ‘वेतन सुधार’ के नाम पर मांगे पांच हजार रुपये—
दरअसल, आरोपी महफूज अहमद, जो सीआरके-द्वितीय सेक्शन में सहायक लिपिक का अतिरिक्त कार्य देख रहा था, ने उदयपाल से कहा कि वेतन सुधार के लिए पांच हजार रुपये देने होंगे। दरोगा ने यह मांग ठुकरा दी और 29 अक्टूबर को एंटी करप्शन थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के बाद टीम ने योजना बनाकर आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया।
⭐ एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप–
निर्धारित समय पर उदयपाल पांडेय पैसे लेकर पहुंचे। जैसे ही महफूज अहमद ने नोट स्वीकार किए, एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
⭐ ACP का बयान “कोई भी भ्रष्टाचारी नहीं बचेगा”
इस मामले पर एसीपी कलक्टरगंज आशुतोष कुमार सिंह ने कहा, “सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी। कोई भी भ्रष्टाचारी बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कहा कि एंटी करप्शन टीम का उद्देश्य है कि जनता और सरकारी कर्मचारियों के बीच विश्वास बना रहे और सिस्टम पारदर्शी हो।



















