
एक करोड़ एक लाख के गांजे के साथ 7 नशे के सौदागर गिरफ्तार
रात के समय सक्रिय गांजा तस्कर धड़ल्ले से युवाओं को करते हैं गांजा की सप्लाई
अजीत मिश्रा (खोजी)
लखनऊ 🚨 एक करोड़ एक लाख के गांजे के साथ 7 नशे के सौदागर गिरफ्तार🚨
🔥 गांजा तस्करों की जमकर सुताई कर खंगाले जा रहे तार।
उड़ीसा से गांजा लाकर विभिन्न जनपदों में करते थे गांजा सप्लाई। राजधानी में पूर्व कैसरबाग इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज पर गांजा सप्लायरों को संरक्षण देने के आरोप में गिर चुकी है गाज।
सूत्रों की मानें तो कैसरबाग, डीएलएफ माई पैड, चारबाग समेत राजधानी के विभिन्न इलाकों में रात के समय सक्रिय गांजा तस्कर धड़ल्ले से युवाओं को करते हैं गांजा की सप्लाई। सूत्रों की मानें तो कैसरबाग के सबसे बड़े गांजा सप्लायर व पुलिस कर्मियों को ले डूबने वाले गांजा सप्लायर से जुड़े हैं गिरफ्त में आए सप्लायरों के तार।
लखनऊ और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में एक करोड़ या उससे अधिक मूल्य के गांजे की कई बरामदगियां और गिरफ्तारियाँ हुई हैं। इनमें से कुछ मुख्य घटनाएँ इस प्रकार हैं:
हाल की घटनाएँ (2025):
अगस्त 2025: लखनऊ हवाई अड्डे पर डीआरआई ने थाईलैंड से आए दो तस्करों से लगभग ₹24 करोड़ की ड्रग्स बरामद की। बरामद की गई ड्रग्स 23.93 किलोग्राम गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) थी।
अगस्त 2025: नगराम और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने ₹40 लाख के 1.5 क्विंटल से अधिक गांजे के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया।
अगस्त 2025: लखनऊ के मोहनलालगंज में एक बेकरी की आड़ में गांजा बेचने के आरोप में एक दुकानदार को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 1.5 किलो गांजा और नकद बरामद हुआ।
मई 2025: मऊ में पुलिस ने सेना के बॉक्स की आड़ में असम से लखनऊ लाई जा रही ₹3 करोड़ कीमत की 20 क्विंटल गांजे की खेप जब्त की। एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया था।
अन्य प्रमुख घटनाएँ:
अक्टूबर 2025: एएनटीएफ (एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने जौनपुर में ₹1.13 करोड़ के गांजे के साथ सात अंतर-राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। तस्करों ने खुलासा किया कि वे बिहार और ओडिशा से गांजा लाकर मथुरा के आसपास बेचते थे।
अक्टूबर 2025: एसटीएफ ने बिहार पुलिस के साथ मिलकर गया में ₹1.71 करोड़ के 684 किलोग्राम गांजे के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। यह खेप भी ओडिशा से यूपी लाई जा रही थी।
नवंबर 2024: कानपुर में पुलिस ने ₹18 करोड़ से अधिक कीमत के 18 क्विंटल गांजे के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया। यह खेप ओडिशा से लखनऊ लाई जा रही थी।
इन घटनाओं से पता चलता है कि लखनऊ और उसके आसपास का क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ अक्सर करोड़ों रुपये का गांजा पकड़ा जाता है। पुलिस और एसटीएफ की टीमें ऐसे गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं।



















