
सोमवार की आधी रात जामताड़ा से बोकारो जिले के लगुबुरु घंटाबाड़ी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी तीन बसें राजगंज के चालीबंगला स्थित वन विभाग कार्यालय के पास आपस में टकरा गईं। हादसा इतना जबरदस्त था कि बसों में सवार 70 से अधिक महिला-पुरुष घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तुरंत 108 एंबुलेंस से एसएनएमएमसीएच धनबाद रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में कराया गया। मामूली रूप से घायल और बचे हुए यात्रियों को फिलहाल पास के पेट्रोल पंप पर ठहराया गया है। यह हादसा रात लगभग 12 बजे हुआ।
जानकारी के अनुसार, तीनों बसें सोमवार सुबह करीब 9 बजे जामताड़ा के नाला पेट्रोल पंप से रवाना हुई थीं। सभी बसों में आदिवासी समुदाय के श्रद्धालु सवार थे, जो बोकारो के लालपनिया स्थित लगुबुरु घंटाबाड़ी में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे।
बस में सवार महिला यात्री लतिका सोरेन ने बताया कि सभी यात्री उस समय नींद में थे, जब अचानक जोरदार टक्कर की आवाज आई। उन्होंने कहा, “हमारी बस पीछे चल रही थी। अचानक जोरदार झटका लगा और सभी लोग सीट से गिर पड़े। दरवाजा लॉक हो गया, तो आगे का शीशा तोड़कर किसी तरह बाहर निकाला गया।”
हादसे में पीछे की दो बसें एक-दूसरे से टकरा गईं, जबकि सबसे आगे चल रही तीसरी बस मौके से निकल गई। दोनों बसों में सवार करीब 120 श्रद्धालु किसी तरह बाहर निकले और पास के पेट्रोल पंप पर रुक गए
घायलों में टाडा निवासी 70 वर्षीय रास मुनि देवी का हाथ टूट गया है। इसके अलावा सोनाली हांसदा, बसंती किस्कू, धन टुडू, लूखी मुनि हेंब्रम, बाय हेंब्रम, मंगोली सोरेन, राज देव मरांडी, दीपक मुर्मू समेत 30 से अधिक महिला व पुरुष श्रद्धालु घायल हुए हैं।












