
सिद्धार्थनगर। मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के लिए रेस्टूरेंट से भेजा गया लंच पैकेट दूषित निकला, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी होने पर मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) राजीव यादव ने इसकी शिकायत प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से की।

पीआरओ के अनुसार बांसी में आयोजित कार्यक्रम के बाद मंत्री एवं स्टाफ के भोजन की व्यवस्था सिद्धार्थनगर के प्रसिद्ध रेस्टूरेंट दिल्ली चाट भंडार से की गई थी। कुल 35 लंच पैकेट भेजे जाने थे। नियम के अनुसार मंत्री के लिए भेजे गए भोजन को पहले अंगरक्षक द्वारा टेस्ट किया गया। टेस्ट करते ही मटर-पनीर की सब्जी से बदबू महसूस हुई। इसके बाद अन्य स्टाफ ने भी चखकर पुष्टि की कि सब्जी खराब है।
राजीव यादव ने बताया कि सूचना देने के बावजूद करीब एक घंटे तक खाद्य सुरक्षा विभाग का अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा। कई बार फोन कॉल के बाद जब अधिकारी नरेंद्र पहुंचे तो उन्होंने नमूना लेने में भी टालमटोल की।
अधिकारी ने पहले यह सवाल किया कि “कैसे मानें कि यह खाना इसी रेस्टूरेंट से आया है?”
जब रेस्टूरेंट स्टाफ ने पुष्टि की तो उन्होंने कहा कि नमूना भेजने के लिए “आधा-आधा किलो पनीर के चार नमूने लेने होंगे”, जिस पर बहस के बाद जाकर उन्होंने नमूना लिया।
पीआरओ का कहना है कि इस तरह की ढिलाई कैबिनेट मंत्री के भोजन से जुड़ा मामला होने के बावजूद हुई, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं।
इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर.एल. यादव ने कहा—
“कैबिनेट मंत्री के लंच पैकेट में दूषित मटर-पनीर की शिकायत मिली थी। उस समय मैं विभागीय बैठक में था। सूचना मिलने पर तीन सदस्यीय टीम भेजी गई। रेस्टूरेंट से नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।”










