उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार की सेवा अवधि में तीन माह का तीसरा विस्तार मंजूर

इंजीनियरों से लेकर वरिष्ठ पत्रकारों तक—सभी के अनुमान ध्वस्त

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। ऊर्जा विभाग के सूत्रों के दावे ध्वस्त — सभी अनुमान उलटे पड़ गए … तमाम अटकलों के बीच योगेश कुमार को तीसरा सेवा विस्तार।।

उत्तर प्रदेश 

लखनऊ।। ऊर्जा विभाग में लंबे समय से चल रही चर्चाओं और “किसी कीमत पर विस्तार नहीं मिलेगा” जैसी भविष्यवाणियों को झटका देते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, लखनऊ के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार की सेवा अवधि में तीन माह का तीसरा विस्तार मंजूर कर दिया है।

योगेश कुमार को शासन ज्ञाप 599/24-पी-2-22-सा0(34)/2021, दिनांक 20 मई 2022 के तहत नियुक्त किया गया था। इसके बाद 13 मई 2025 को शासन आदेश 960712/2025 से पहला सेवा विस्तार, फिर 27 अगस्त 2025 के आदेश 1070734/2025 से दूसरा विस्तार मिला था। दोनों विस्तार पूरे होने के बाद विभागीय गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि “अब आगे राह बंद है।” लेकिन 28 नवंबर 2025 को विशेष सचिव राज कुमार द्वारा जारी ताजा आदेश ने सभी अनुमानों को धराशायी कर दिया।

⭐ इंजीनियरों से लेकर वरिष्ठ पत्रकारों तक—सभी के अनुमान ध्वस्त—

ऊर्जा विभाग में कई इंजीनियर और ऊर्जा बीट कवर करने वाले कुछ नामचीन पत्रकार लगातार यह दावा कर रहे थे कि इस बार सेवा विस्तार रोक दिया जाएगा। कुछ ने तो आगे की संभावित नियुक्तियों तक की फेहरिस्त बना ली थी, लेकिन शासन ने इन सारे “इनसाइडर दावों” पर ताले जड़ दिए।

⭐ विभाग में हलचल — समीकरण बदले, तेवर भी—

नए विस्तार के बाद ऊर्जा विभाग में हालात बदलते दिख रहे हैं। जिन हलकों में यह माना जा रहा था कि उच्च स्तर पर रुख सख्त है, वहीं अब यह निर्णय भविष्य के कई प्रशासनिक समीकरणों को सीधा प्रभावित करता हुआ दिख रहा है।

विभागीय चर्चाओं में यह भी सवाल उठ रहा है कि तीन बार का लगातार विस्तार आखिर किस संदेश की ओर इशारा कर रहा है—स्थिरता या सियासी प्राथमिकता?

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