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धार्मिक स्थलों को भी नहीं छोड़ रहे सरपंच-सचिव, जनपद पंचायत कार्यालय के सामने भ्रष्टाचार, ठंडे बस्ते में जांच

अनुपयोगी साबित हो रहा निर्माण कार्य, लोगों की शिकायतों पर भी अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान 

कटनी,रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.IMG 20251231 WA0006

प्रदेश सरकार द्वारा गांवों के विकास के लिए लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन देखने में यह आ रहा है कि विकास के नाम पर मिलने वाली भारी भरकम राशि को सीईओ व उपयंत्रियों की मिलीभगत से ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सरपंच सचिव निर्माण कार्य के नाम पर लीपापोती कर अपनी जेबें गर्म कर में लगे हुए हैं। खास बात तो यह है कि इसकी लोगों द्वारा शिकायत करने के बाद भी अधिकारी कार्यवाही करना तो भला कोसों दूर की बात है जांच तक करने की जहमत नहीं उठाते। देखने में यह आ रहा है कि रीठी जनपद क्षेत्र के सरपंच और सचिव धार्मिक स्थलों को भी नहीं छोड़ रहे हैं, यहां के विकास के लिए मिली राशि को भी हजम करने में लगे हुए हैं।

अनुपयोगी साबित हो रहा निर्माण कार्य

जानकारी के मुताबिक रीठी के जनपद पंचायत कार्यालय के सामने स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में बीते वर्ष पांचवें वित्त से रंगमंच का निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसके लिए पांच लाख रुपए की राशि मिली थी जिसका निर्माण कार्य ग्राम पंचायत घनिया द्वारा किया गया है। देखा गया कि उक्त निर्माण कार्य स्वीकृति से विपरीत किया गया है जो अनुपयोगी साबित हो रहा है। बताया गया कि पांच लाख रुपए की लागत से शिव मंदिर के समीप रंगमंच का निर्माण होना था, लेकिन सीईओ और उपयंत्री की मिलीभगत से उक्त स्थान पर छतरी का निर्माण कर शासकीय राशि हड़प ली गई है। ग्राम पंचायत द्वारा खुलेआम शासन व लोगों की आंख में धूल झोंकने का काम किया गया है। खास बात तो यह है कि लोगों की शिकायत पर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया और पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

पुराने चबूतरे पर कर दिया निर्माण, राशि हजम

मंदिर समिति व ग्रामीण ने बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। ग्राम पंचायत घनिया के सरपंच और तत्कालीन सचिव द्वारा मंदिर परिसर में पहले से बने चबूतरे पर टाइल्स लगाकर लीपापोती कर दी गई है। जबकि मंदिर के समीप रंगमंच का निर्माण होना था, लेकिन इसके विपरित छतरी बनाकर निर्माण कार्य को अनुपयोगी कर दिया गया है। नक्शे से हट कर निर्माण कार्य कर दिया गया है। वहीं पुराने चबूतरे पर लीपापोती कर सरपंच सचिव व उपयंत्री ने अपनी-अपनी जेबें गर्म कर ली है। जनपद पंचायत कार्यालय के सामने हुए इस भ्रष्टाचार ने अधिकारियों की मनमानी भी उजागर कर दी है।

जनपद पंचायत कार्यालय के सामने हो गया खेल

बताया गया कि उक्त भ्रष्टाचार रीठी के जनपद पंचायत कार्यालय के सामने मुख्य द्वार पर हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत के सीईओ, उपयंत्री और अन्य जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंख में पट्टी बांध कर यहां से गुजरते थे। जिनकी नजरें स्वीकृति से हटकर हो रहे निर्माण कार्य की ओर नहीं पड़ी। जबकि उक्त शिव मंदिर जनपद पंचायत के मुख्य द्वार पर ही बना हुआ है। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे जनपद पंचायत के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जनपद सीईओ की मिलीभगत से सरपंच सचिव व उपयंत्री ने खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या उपयंत्री आंख में पट्टी बांध कर उक्त निर्णय कार्य का मूल्यांकन कर रहे थे।

शिकायत पर भी नहीं हुई जांच*

खास बात तो यह है कि समिति व स्थानीय ग्रामीणों द्वारा शिव मंदिर में रंगमंच के नाम बनाई जा रही छतरी व हुए भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत जनपद सीईओ से की गई थी। जिस पर कार्रवाई करना तो भला कोसों दूर की बात है जनपद पंचायत के सीईओ ने जांच कराने तक की जहमत नहीं उठाई और पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ व जिला कलेक्टर को भी शिकायती पत्र भेजा था। लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और सरपंच सचिव ने शासन की पांच लाख रुपए की राशि लीपापोती कर खर्च कर डाली। लोगों का कहना है कि जब जनपद पंचायत कार्यालय के सामने खुलेआम मनमानी हो रही है तो ग्राम पंचायत में कितना भ्रष्टाचार होता होगा इसे से इसकी कल्पना की जा सकती है।

राशि पर रोक लगाकर भौतिक सत्यापन की मांग

नर्मदेश्वर महादेव मंदिर समिति व स्थानीय ग्रामीणों ने रीठी जनपद सीईओ को सौंपे शिकायती पत्र में निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन करते हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की थी। लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कर राशि पर रोक लगाई जाए और जो राशि जारी हो चुकी है उसकी रिकवरी करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोषी उपयंत्री पर भी कठोर कार्रवाई होना चाहिए।

बीता लंबा समय, रंग-रोगन तक नहीं

श्रद्धालुओं व ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत कार्यालय के सामने बने नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का कार्य हुए एक लंबा समय बीत चुका है। बावजूद इसके निर्माण एजेंसी द्वारा आज दिनांक तक उक्त निर्माण कार्य का रंग-रोगन तक नहीं कराया गया है। परिसर के सामने ईंट के टुकड़े व पत्थर पड़े हुए हैं। लोगों ने उक्त निर्माण कार्य के रंगरोगन सहित परिषर के सामने पावर ब्लॉक लगाने की मांग की है। ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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