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दूषित पेयजल की शिकायत पर तत्काल जांच व सुधार सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे

दूषित पेयजल की शिकायत पर तत्काल जांच व सुधार सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे

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निवाड़ी। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने जिले में नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दूषित पेयजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति पाइपलाइनों का तत्काल निरीक्षण किया जाए तथा क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी पाइपलाइन के माध्यम से दूषित जल की आपूर्ति न हो रही हो। यदि किसी स्थान पर दूषित जल पाए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित पाइपलाइन को तत्काल बंद कर सुधार कार्य पूर्ण होने तक सुरक्षित वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था जैसे टैंकर अथवा अस्थायी कनेक्शन की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति के नियमित सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारी माह के प्रथम सप्ताह में अपने-अपने क्षेत्र में यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि कोई भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त नहीं है और कहीं भी दूषित जल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इन बिंदुओं पर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर कलेक्टर कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासकीय संस्थाओं में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों, छात्रावासों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में जल आपूर्ति पाइपलाइनों एवं पानी की टंकियों का तत्काल निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की शीघ्र मरम्मत की जाए।
यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी दूषित जल की आपूर्ति न हो। यदि दूषित जल पाया जाता है, तो तत्काल जल आपूर्ति बंद कर सुधार होने तक सुरक्षित वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की जाए। साथ ही, नियमित रूप से जल के सैंपल लेकर उनकी जांच कराई जाए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, छात्रावासों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में माह के प्रथम सप्ताह में यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाए कि संबंधित संस्था में कोई भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त नहीं है और दूषित जल की आपूर्ति नहीं हो रही है।

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