
प्रेस-विज्ञप्ति
(19.02.2026/कृषि विभाग/गया)
*किसानों के ‘‘जैविक उत्पादों’’ की बिक्री में सहयोग करेगा कृषि विभाग- संजीव कुमार*
बाजार समिति परिसर चन्दौती में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला-सह- जैविक प्रदर्शनी के दूसरे दिन प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना चितंन शिविर अन्तर्गत जैविक उत्पाद क्रेता-विक्रेता गोष्ठी का आयोजन श्री संजीव कुमार जिला कृषि पदाधिकारी, गया की अध्यक्षता में किया गया। गोष्ठी में केदारनाथ बाजार समिति गया के थोक विक्रेता श्री प्रिशु निर्मल एवं श्री टिंकु कुमार, किसान उत्पादक समूह के सदस्य श्री शशि कुमार एवं श्री आशुतोष, जैविक खेती करने वाले किसान एवं कृषि विभाग के जिला तथा प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।
क्रेताओं ने प्रमाणिक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराने पर बाजार उपलब्ध रहने की जानकारी दिया। उनके द्वारा कहा गया कि बाजार में अभी अलग से जैविक उत्पादों विशेष कर मौसमी सब्जियों को बेचने की व्यवस्था नहीं है, यद्यपि बहुत से जागरुक ग्राहक जैविक आलू, प्याज, बैगन, गोभी, टमाटर आदि की मांग करते हैं। जैविक उत्पादक विक्रेता किसान श्री जीवेश यादव, ग्राम-महुआर नवादा, मानपुर ने कहा कि वे पिछले 03 वर्ष से अधिक समय से प्राकृतिक तरीके से सब्जियों की खेती कर रहे हैं एवं किसान मेला में उनके द्वारा लायी गई सभी जैविक सब्जी जैसे बैगन, टमाटर, फ्रेंच बीन्स, मेथी साग, पालक साग, लाल साग, गाजर आदि तंुरत बिक गया लेकिन इसका प्रिमियम मूल्य नहीं मिलता है और सामान्य बाजार में बेचने पर ग्राहक उनके जैविक सब्जियों के लिये थोड़ा बहुत भी ज्यादा पैसा नहीं देते हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि जिला में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना को संचालित किया जा रहा है जिसमें 15 क्लस्टर में 1875 एकड़ में प्राकृतिक खेती करायी जा रही है। इस योजना से 10 बायो रिसार्स सेन्टर स्थापित किया गया है, जहॉ से किसान बहुत ही आसानी से सस्ते दर पर प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटक जैसे जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क आदि क्रय करके अपने खेतों में उपयोग कर सकते हैं। इस योजना से जुडे़ किसानों के उत्पादों का जैविक प्रमाणिकरण कृषि विभाग के द्वारा कराने के साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों को बेहतर दर पर बिक्री की व्यवस्था करायी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों के उत्पादों की बिक्री के लिये कृषि विपणन निदेशालय को गठित कर जिला स्तर पर श्री बिजेश कुमार को जिला कृषि विपणन पदाधिकारी के रुप में पदस्थापित किया गया है साथ ही जैविक खेती के लिये प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, जैविक सुश्री आकृति पदस्थापित हैं। जैविक खेती एवं विपणन की किसी भी प्रकार की समस्या के लिये किसान सीधे इनसे सम्पर्क कर सकते हैं।
किसान मेला के दूसरे दिन बोधगया के मटिहानी में 250 गिर गाय की गौशाला से जैविक दुग्ध उत्पादन कर रहे श्री ब्रजेन्दर कुमार चौबे ने प्रदर्शनी में गाय का शुद्ध घी के साथ गौमूत्र एवं गोबर से बनी तरह-तरह की औषधी को प्रदर्शित किया। उन्होने बताया कि देशी गाय के गोबर एवं गौमूत्र का उपयोग कर शून्य लागत पर खेती की जा सकती है, उनका देशी घी 3000 रुपये किलो बिकता है जबकि दूध 140 रुपये लीटर है। उनके द्वारा देशी बीज से काला नमक बासमती चावल, सोनामोती एवं खापली गेहूँ की खेती की जा रही है। जो बाजार में 100 से 200 रुपये किलो में बिक जा रही है। उन्होने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पादों को बेचने में कोई समस्या नहीं होती है। सभी किसानों को एकजुट होकर जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिये क्योकि संघ में शक्ति होती है।
जैविक खेती के मास्टर प्रशिक्षक श्री बंकटेश ने जैविक टॉनिक एवं जैविक कीटनाशक तैयार कर खेत मे उपयोग करने को सरल तरीके से बताया।
(संजीव कुमार)
जिला कृषि पदाधिकारी,
गया जी।
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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