

कांठ (मुरादाबाद, यूपी )।
कांठ क्षेत्र के गांव सलेमपुर-फजलाबाद के जंगल में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में सुबह तेंदुआ फंस गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को मय पिंजरे के अपने कब्जे में ले लिया और उसे डियर पार्क ले गई। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
तेंदुआ पकड़े जाने के बाद मौके पर लगी भीड़।
बता दें कि कांठ क्षेत्र में तेंदुए इस समय आतंक और खौफ का पर्याय बने हुए हैं। 23 मार्च 2026 से 16 अप्रैल 2026 तक तेंदुओं के द्वारा चार बच्चों सहित पांच लोगों को हमला कर घायल किया जा चुका है। जिस पर वन विभाग ने कांठ तहसील क्षेत्र के गांव महदूद कलमी, मिश्रीपुर, दरियापुर सहित सलेमपुर-फजलाबाद में तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए थे। अभी 16 अप्रैल को तेंदुए ने गांव सलेमपुर-फजलाबाद के रहले वाले पांच साल के मासूम बच्चे लव्यांश पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। जिस पर वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए 17 अप्रैल को पिंजरा लगाया था। इस पिंजरे में तड़के किसी समय तेंदुआ फंस गया। जब ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में देखा तो वन विभाग को सूचना दी। जिस पर मौके पर आई टीम ने तेंदुए को मय पिंजरे के अपने कब्जे में लिया और मौके पर लगी भीड़ को हटाया। टीम तेंदुए को अपने साथ मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह नहीं कई तेंदुए क्षेत्र में घूम रहे हैं, इन्हें पकड़वाया जाए। बता दें कि अब तक कांठ तहसील क्षेत्र में एक वर्ष के अंदर कई तेंदुए पकड़े भी जा चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इनका आतंक कम नहीं हो रहा है।
रिपोर्ट: पंकज कुमार, कांठ।








