
*धनबाद:* ज़िला प्रशासन व राज्य सरकार द्वारा सभी महकमे व धनबाद को बचाने के लिए अविलंब पूरे कोयलांचल का एक व्यापक भूमिगत सर्वे किया जाना चाहिए , उत्खनन के उपरांत बालू भराई की अद्यतन जानकारी ली जानी चाहिए और तदनुसार अगला कदम उठाया जाना चाहिए , तभी धनबादवासी सुरक्षित बचेंगे , वरना भूधसान , गैस रिसाव , भूगर्भ अग्नि पूरे धनबाद को अपनी चपेट में ले लेगा , फिर AIR PORT का क्या होगा ? सब व्यर्थ हो जाएगा।
वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा के नेतृत्व में DGMS से मिलकर पत्र सोपा
कोयला नगरी धनबाद में लगातार हो रही भू-धसान, गैस रिसाव और भूमिगत आग की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। इस संबंध में खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) को एक आवेदन सौंपकर व्यापक सर्वे और ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदन में कहा गया है कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के लीज होल्ड क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर जमीन धंसने, जहरीली गैस के रिसाव और भूमिगत आग की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों के जीवन और संपत्ति पर खतरा मंडरा रहा है।
आवेदकों ने मांग की है कि DGMS द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले निरीक्षण और खतरों की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि BCCL ने सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया है या नही। इसकी जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए।
आवेदन में विशेष रूप से पुराने खदान क्षेत्रों (ओल्ड वर्किंग एरिया) का मुद्दा उठाया गया है, जहां नियमानुसार बालू भराई नहीं की गई है। इन क्षेत्रों के ऊपर घनी आबादी निवास कर रही है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इसके अलावा, आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा ओवरबर्डन (मिट्टी-पत्थर) का ढेर लगाने और प्राकृतिक जल स्रोतों को बाधित करने का भी आरोप लगाया गया है, जो खनन नियमों के विरुद्ध बताया गया है।
आवेदकों ने DGMS से इन क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर अवैध या असुरक्षित कार्यों पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही जिला प्रशासन को असुरक्षित और सुरक्षित क्षेत्रों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने और उसे सार्वजनिक करने का आग्रह किया गया है, ताकि जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का समय रहते पुनर्वास किया जा सके।
आवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में बिजय कुमार झा, उदय कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह और गौतम मंडल शामिल हैं। सभी ने जनहित, समाज हित और राष्ट्रहित में त्वरित कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।





